कश्मीर में आतंकियों ने अगवा किये गए 3 एसपीओ की गोली मार कर हत्या कर दी। एक पुलिस का जवान आतंकियों को चकमा देकर उनके चंगुल से भाग निकलने में सफल रहा। मारे गए जवानो की लाशें सर्च के दौरान शोपियां जिले के कापरन गांव में सेब के एक बगीचे से बरामद हुई।

पुलिस जवानों की अपहरण और हत्या के पीछे हिज़बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी रियाज़ नायकु का हाथ होने की सम्भावना है। अभी दो दिन पहले ही हिज़बुल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए कश्मीरी लोगो को सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने या फिर अंजाम भुगतने की धमकी दी गयी थी।

आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर पुलिस के एसपीओ को खासतौर से निशाना बना रहे है। एसपीओ असल में पुलिस के लिए काम करने वाले वो कश्मीरी युवा है जो नियमित पुलिस का हिस्सा नहीं है पर आतंकियों के खिलाफ अभियान में ये सबसे महत्त्पूर्ण भूमिका निभाते है। एसपीओ का काम गांव में रह कर आतंकियों के खिलाफ मुखबिरों का नेटवर्क तैयार करना और आतंकियों की गतिविधियों पर नजर बनाये रखना होती है। बेहद खतरनाक काम को अंजाम देने के बाद भी इन्हे सिर्फ 10000 रूपये मासिक तनख्वाह ही मिलती है।

गाँवो में रहने के कारण आतंकियों के लिए इन्हे टारगेट करना सबसे आसान होता है। आतंकी असल में ऐसे जवानों को डरा के पुलिस और सेना के उस नेटवर्क को कमजोर करना चाहते है जिसके जरिये सुरक्षा बल आसानी से इन आतंकियों का सफाया करते है।