लखनऊ में दिन दहाड़े हुए हिन्दू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार छापे मार रही है। गुजरात के सूरत शहर से पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। ये कार्यवाही पुलिस ने कमलेश तिवारी के कॉल डिटेल्स चेक करने और घटना स्थल से सूरत के एक मिष्ठान भंडार के डिब्बे की बरामदगी के बाद की गयी है।

गुजरात से कमलेश तिवारी हत्याकांड के तार इसलिए भी जुड़ रहे है क्यों की साल 2017 में गुजरात पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गए दो आंतकियों ने पूछताछ में कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश करने के बारें में बताया था। उन आतंकियों से पूछताछ से ये बात भी सामने आयी थी की तिवारी आईएसआईएस के निशाने पर है। पिछले कुछ महीनों से कमलेश तिवारी की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से एक सुरक्षा कर्मी भी तैनात कर दिया गया था।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिजनौर के नगीना क्षेत्र से नईम नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। एक प्रमुख अखबार के अनुसार उसे नजीमाबाद पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। हलाकि की पुलिस ने मौलाना अनवारुल हक़ को गिरफ्तार किये जाने की खबरों का खंडन किया है। मौलाना ने साल 2016 में कमलेश तिवारी की हत्या करने वाले को 51 लाख रूपये इनाम में देने का फतवा जारी किया था।

कमलेश तिवारी की पत्नी ने मुलाना अनवारुल हक़ और मुफ्ती नईम काजमी पर पति की हत्या की साजिश में शामिल होने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कमलेश तिवारी की हत्या के बाद सूबे में राजनितिक और सांप्रदायिक माहौल गरम है। सरकार अपनी तरफ से बिना किसी जल्दबाजी के फूँक फूँक कर कदम रखते हुए कार्यवाही कर रही है। कमलेश तिवारी की पत्नी ने मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ के आये बिना शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया है और खुद आत्म दाह करने की चेतवानी भी दी है।

कल लखनऊ शहर के थाना नाका इलाके में कमलेश तिवारी की उनके कार्यालय में गोली और चाक़ू से गला रेत कर हत्या कर दी गयी थी। हत्या करने वाले दो युवक उनसे मिलने के बहाने आये हुए थे। तिवारी की हत्या के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके हत्यारो को पकड़ने के लिए आवाज उठायी जा रही है। काफी लोगों ने कमलेश तिवारी के बेटे सत्यम तिवारी के बैंक खाते में रूपये जमा कर उन्हें आर्थिक मदद देने की कोशिश भी की है।