दक्षिणी कश्मीर के शोपियन में तीन दिन से जारी मुठभेड़ कल समाप्त हो गयी। मुठभेड़ में भारतीय सेना 2 आतंकी मार गिराए। मारे गए आतंकियों में से एक जैश ए मोहम्मद का कमांडर विलायत हुसैन लोन उर्फ़ सज्जाद अफगानी है।

सज्जाद अफगानी आतंकी गतिविधियों के साथ कश्मीर में कई नाबालिग लड़कियों के बलात्कार के अपराध में भी शामिल था। ऐसे तमाम अपराधों में जम्मू कश्मीर पुलिस को उसकी तलाश थी।

सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस ने तीन दिनों से इलाके की घेराबंदी कर रखी थी और रुक रुक कर सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी थी। घनी आबादी और बेहद सटे हुए मकानों की वजह से सुरक्षा बल नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रख कर बेहद ही सावधानी से आपरेशन को अंजाम दिया।

दोनों आतंकियों के मारे जाने के बाद भी इलाके की घेराबंदी नहीं हटाई गयी। पुलिस के अनुसार इलाके में और भी आतंकी छिपे होने की आशंका थी। सज्जाद अफगानी कश्मीर में साल 2018 से सक्रिय था और सुरक्षाबलों पर हुए कई हमलों में उसका हाथ था।

इससे पहले बीते रविवार को लश्कर का एक आतंकी जंहागीर अहमद वानी शोपियां में सुरक्षाबलों के हाथों मुठभेड़ में मारा गया था। कश्मीर रेंज के आईजी विजय कुमार ने सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा की अफगानी कई घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल था और इलाके में नए आतंकियों की भर्ती करने में काफी सक्रिय था।

पुलिस ने मुठभेड़ वाली जगह से भारी मात्रा में हथियार बरामद किये है जिसमे अमेरिका में बनी M4 कार्बाइन भी शामिल है। मुठभेड़ के दौरान कई घरों में आग लग गयी और लगभग 3-4 मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। सेना ने कहा की मुठभेड़ के दौरान उनका जोर इस बात पर था की किसी आम नागरिक की जान न जाये, जिसमे में सुरक्षा बल सफल रहे है।

घनी आबादी वाला इलाके होने की वजह से जितना कम से कम नुकसान हो ऐसा प्रयास किया गया।