कश्मीर में पिछले दिनों सुरक्षा बलों और आम नागरिको पर आतंकी हमलो में तेजी आयी है। आतंकी खासतौर से छुट्टियों पर आये पुलिस और सेना के जवानो पर हमले की फ़िराक में रहते है। हालांकि सेना का ऑपरेशन आल आउट जारी है। और उसका असर ये देखने को मिला है की अब नए बन रहे आतंकी ज्यादा दिन गतिविधि जारी नहीं रख पाते और आतंकी बनने के 1-2 महीने में उनका सफाया हो जाता है।

केंद्रीय मंत्री हंसराज गंगाराम अहीर ने राज्य सभा के एक सवाल के जवाब में बताया की बीते 6 महीने में अब तक 100 आतंकी मारे गए है जबकि 43 सुरक्षा कर्मियों ने अपनी जान गँवाई है। इसके अलावा 256 हिंसा की घटनाये हुई और 16 नागरिको ने भी अपनी जान गँवाई है।

जबकि 2017 में ये आंकड़ा कुछ इस प्रकार था।

343 हिंसा की घटनाये हुई, 213 आतंकियों को मार गिराया गया। 80 सुरक्षा बल के जवान शहीद हुए और 40 नागरिक भी मारे गए।