मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में जम्मू कश्मीर को लेकर जिस योजना पर काम कर रही है उससे जल्द ही राज्य में सीएम की कुर्सी पर एक हिंदू बैठा नजर आ सकता है. दरअसल गृहमंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर को लेकर लगातार बैठकें कर रहे हैं. उन्होंने सबसे पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक से चर्चा की थी और अब वो गृह सचिव और आईबी प्रमुख के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सरकार जम्मू कश्मीर में फिर से विधानसभा सीटों के परिसीमन पर विचार कर रही है. इसके लिए सरकार जम्मू कश्मीर के लिए नया परिसीमन आयोग गठन कर सकती है.

जम्मू कश्मीर में विधानसभा सीटों की स्थिति के बारे में बात करें तो अभी कश्मीर में 47, जम्मू में 37 और लद्दाख में 5 विधानसभा सीटें हैं. सरकार का मानना है कि अभी के हालात में जम्मू के साथ गलत हो रहा है. यहां पर सीटों की संख्या बढ़नी चाहिए. सरकार का मानना है कि क्षेत्रीय भेदभाव खत्म होना चाहिए. इसके साथ ही सरकार चाहती है कि राज्य में एससी और एसटी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या भी बढ़े. दरसअल कश्मीर घाटी में अभी कोई भी आरक्षित सीट नहीं है जबकि यहां यहां 11 फीसदी गुर्जर बकरवाल और गद्दी जनजाति समुदाय के लोगों की आबादी है. ऐसे में सरकार चाहती है कि घाटी में कुछ सीटों को आरक्षित किया जाए. नए परिसीमन से अगर जम्मू में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ती है तो जम्मू कश्मीर में हिंदू सीएम बनने का रास्ता बन सकता है. अगर आबादी के बारे में बात करें तो राज्य में अभी सबसे ज्यादा मुस्लिम 68.31 फीसदी, हिंदू 28.44 फीसदी, सिख 1.87 फीसदी और ईसाई .28 फीसदी है.

जम्मू कश्मीर में आखिरी बार विधानसभा सीटों का परिसीमन 1995 में हुआ था. तब वहां जगमोहन राज्यपाल थे और उनके आदेश पर ही परिसीमन हुआ था. उस वक्त राज्य में 87 विधानसभा सीटों का परिसीमन जारी हुआ था. जम्मू कश्मीर के संविधान के मुताबिक वहां हर 10 साल में परिसीमन बदलना चाहिए. इसलिए 2005 में राज्य में सीटों का निर्धारण नए सिरे से होना था लेकिन 2002 में तत्कालीन सीएम फारूक अब्दुल्ला ने राज्य के संविधान में बदलाव करते हुए इसे 2026 तक के लिए टाल दिया था. अब प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आने वाली बीजेपी सरकार इसमें बदलाव का रूख देख रही है.

वहीं सरकार के इस कदम से पीडीपी जैसे दलों में खलबली है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इसे राज्य का सांप्रदायिक बंटवारा करने वाला कदम बताया है और इसकी आलोचना की है. एक और पीडीपी नेता वहीद उर रहमना ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वो जम्मू कश्मीर का जम्मू बनाम कश्मीर कर रही है.