पूर्वी लद्दाख में बुधवार सुबह भारतीय सैनिक और चीन के पीपल लिब्रशन आर्मी के सैनिक आमने सामने आ गए। भारतीय दल पैंगोंग झील इलाके में गश्त पर था तभी कुछ चीनी सैनिकों ने भारतीय दल का विरोध किया। भारतीय सेना के जवानों ने बताया की वो भारतीय सीमा के अंदर है इसलिए वो वंहा गश्त करते रहेंगे।

कुछ मीडिया खबरों के अनुसार जब भारतीय जवानों ने वंहा से जाने से मना कर दिया तो जुबानी जंग धक्का मुक्की में बदल गयी। देर रात तक दोनों दल आमने सामने डटे हुए थे और दोनों तरफ से सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गयी थी।

भारतीय सेना के अनुसार दोनों तरफ से डेलिगेशन लेवल की वार्ता के बाद तनाव ख़त्म हो गया है और दोनों तरफ के दल अपने अपने इलाके में वापस लौट गए है। दोनों सेनाओं के बीच इस तरह की तनातनी आम है और कई बार इस तरह की खबरें आती रही है। हालांकि पिछले एक साल में यह पहला मौका है जब इस तरह की घटना हुई है।

इससे पहले साल 2017 में पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर दोनों सेनाओं का आमना सामना हुआ था और गतिरोध इस कदर बढ़ गया था की दोनों पक्षों की तरफ से लोहे की रॉड और पत्थरों का जम कर इस्तेमाल हुआ था। उसी साल सिक्किम-तिब्बत-भूटान सीमा पर डोकलाम में बड़ी संख्या में दोनों तरफ के सैनिक लगभग 73 दिन एक दूसरे के सामने रहे थे।