भारतीय रेल को अगर भारतीय परिवहन का रीढ़ कहा जाये तो शायद गलत नहीं होगा। आम आदमी हो या खास आदमी एक शहर से दूसरे शहर जाना हो या एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश लगभग सभी प्रमुख शहर और कस्बे रेलवे से जुड़े ही होते है। कई बार होता है की एक कस्बे से रेलवे स्टेशन कुछ घंटो की दूरी पर हो पर आदमी रेल के सफर के लिए वो दूरी भी तय कर ही लेता है। रेलवे में तमाम खामियां, कमियां है और समय समय पर अलग अलग सरकारें उन्हें अपने हिसाब से दूर और सही करने का प्रयास करती रही है।

अमूमन भारतीय रेल सर्दियों के दिनों में कोहरे के कारण लेट हुआ करती है पर पिछले कुछ महीने में हमने कई जगह पढ़ा की किस तरह पैसेंजर ट्रेन गर्मियों में भी लेट लतीफी का शिकार हो रही है।

अब हम आपको अवगत कराने जा रहे है उस समस्या से जिसे आप ने भारत में रहते हुए महसूस किया है पर वो तमाम भारतीय जो भारत से बाहर अमेरिका और कनाडा जैसे देशो में रह रहे है, इस समस्या से पिछले एक महीने से जूझ रहे है। अब आप सोच रहे होंगे की विदेश में रहने वाले भारतीयों को रेलवे से क्या दिक्कत हो सकती है। भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग करने की वेबसाइट www.irctc.co.in पिछले एक महीने से अमेरिका और कनाडा में ओपन नहीं हो रही है। अमेरिका और कनाडा में बड़ी संख्या में भारतीय रहते है और हर महीने हजारों की तादाद में अपने परिजनों से मिलने भारत आते रहते है। भारत आने वाले इन भारतीयों के परिजन सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं रहते वो दूर सुदूर छोटे कस्बो से लेकर छोटे गाँवो में भी रहते है। उनसे मिलने के लिए रेल ही एक मात्र साधन होता है ऐसे में कोई भी व्यक्ति जब भारत में अपनी रेल यात्रा की टिकट बुक करना चाहे तो वो कर ही नहीं सकता क्यों की IRCTC की वेबसाइट काम ही नहीं कर रही।

ये समस्या न सिर्फ भारतीय लोगो के लिए है बल्कि हर महीने हजारों की संख्या में भारत आने वाले विदेशी सैलानियों के लिए भी है। क्यों की वो भारत से बाहर एडवांस टिकट बुक नहीं कर सकते और भारत पहुंचने के बाद टिकट मिलेगी नहीं। जरा सोचिये एक विदेशी नागरिक के मन में भारत की क्या इमेज बनती होगी जब वो टिकट बुकिंग के लिए महीनो से वेबसाइट ओपन न कर पा रहा हो। एक ऐसा देश जंहा रेलवे की टिकट बुक नहीं की जा सकती वंहा अन्य क्या ही सुविधाएं होंगी। इस तरह की दिक्क़ते भारत की इमेज को अच्छा तो नहीं ही बना रही है।

सोशल मीडिया पर तमाम अमेरिकी भारतीयों द्वारा भारतीय रेलवे और रेल मंत्री को इस बारे में शिकायते भी की गयी पर रेल मंत्री या किसी भी अन्य अधिकारी ने इसका जवाब देना भी उचित नहीं समझा।