आतिश तासीर बीते दो दिनों से भारतीय मीडिया में फिर से चर्चा में है। पहली बार मीडिया की सुर्खियों में वो जब आये थे जब उन्होंने टाइम्स मैगज़ीन में प्रधानमंत्री मोदी के बारे में एक लेख लिखा था जिसमे उन्हें भारत को साम्रदायिक रूप से बाँटने वाले लोगों का मुखिया बताया गया था। उसके बाद कुछ मीडिया हाउस ने इसे इस तरह से पेश किया जैसे ये एक व्यक्ति की अपनी राय न हो कर, पश्चिमी देशों की मोदी के बारे में राय हो।

कुछ तथाकथित सेक्युलर पत्रकारों ने यंहा तक लिख दिया की जिस टाइम्स मैगज़ीन ने मोदी को मुख्य पेज पर जगह दी वही मैगज़ीन उन्हें भारत को बाँटने वाला बता रही है। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक इंटरव्यू के दौरान पूछे गए प्रश्न के जवाब में कहा की आतिश तासीर की ये अपनी राय है और वो पाकिस्तानी मूल के है इसलिए इस तरह की बात कर रहे है।

आतिश तासीर फिर से एक बार चर्चा में है और इस बार इसलिए क्यों की उनका ओवरसीज सिटीजन ऑफ़ इंडिया का स्टेटस भारत सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया है। दरसल तासीर एक ब्रिटिश नागरिक है और ज्यादातर समय अमेरिका के न्यूयार्क शहर या भारत में दिल्ली में रहते है। OCI कार्ड ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जो भारत का नागरिक न हो पर उसके माता पिता में से एक उस व्यक्ति के जन्म के समय भारतीय नागरिक हो। OCI कार्ड धारक बिना किसी वीसा के भारत में जब तक चाहे तब तक रह और काम कर सकता है। ऐसे व्यक्ति को वो सभी अधिकार होते है जो सामान्यता एक आम भारतीय नागरिक को होते है सिवाय वोट डालने और खेती के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जमीन को खरीदने के।

आतिश तासीर, भारतीय पत्रकार तवलीन सिंह और पाकिस्तानी राजनीतिज्ञ सलमान तासीर की संतान है और इनका जन्म लंदन में हुआ था। सलमान तासीर की पाकिस्तान में हत्या की जा चुकी है और उसके बाद से आतिश तासीर पाकिस्तानी सेना के मुखर विरोधी रहे है। आतिश का बचपन दिल्ली और भारत के दूसरे शहरों में बीता है। प्रारंभिक शिक्षा भी भारत में ही हुई है। पर OCI कार्ड को हासिल करने के लिए एक योग्यता यह भी है की व्यक्ति के पिता, दादा यंहा तक की परदादा का कभी भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से कोई लिंक न रहा हो। यानि की ऐसा व्यक्ति जिसके परदादा भी अगर पाकिस्तानी नागरिक रहे है तो उसे ओवरसीज सिटीजन ऑफ़ इंडिया का स्टेटस नहीं दिया जा सकता।

भारत सरकार ने इसी नियम के तहत आतिश तासीर का OCI स्टेटस ख़त्म किया है। साथ ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह बयान भी दिया है की आतिश तासीर ने OCI कार्ड के लिए आवेदन करते वक्त अपने पिता के पाकिस्तानी होने की बात छिपाई थी। कई मीडिया हाउस इसे इस तरह से दिखा रहे है जैसे की मोदी पर लेख लिखने की वजह से भारत सरकार ने यह कदम उठाया है। पर भारत सरकार ने संविधान के नियमों के अनुसार ही कार्यवाही की है, ऐसे में सरकार की मंशा पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए।

पर यंहा पर कई सवाल भी उठते है। पहला की अगर आतिश तासीर ने अपने पिता के पाकिस्तानी नागरिक होने की बात छिपाई थी तो जो जानकारी उन्होंने अपने पिता के बारे में दी थी उसे प्रामणित क्यों नहीं किया गया। क्या कोई भी सामान्य व्यक्ति इस तरह से ओवरसीज सिटीजन ऑफ़ इंडिया का स्टेटस हासिल कर सकता है। और अगर आतिश तासीर ने विदेश मंत्रालय या किसी राजनीतिक पहुंच का फायदा उठाकर इसे हासिल किया तो इस मामले की पूरी जाँच होनी चाहिए और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।