वाट्सएप पर अक्सर मैसेज चलते रहते हैं हिंदू खतरे में है. तमाम नई पुरानी घटनाओं के आधार पर ये दावा किया जाता है. आज हम आपको जो आंकड़े बताने जा रहे हैं उन्हें देखकर आपको ऐसा लग भी सकता है. दरअसल पीयू रिसर्च सेंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2050 तक विश्व की कुल आबादी में से हिंदू आबादी के प्रतिशत में कमी आएगी. हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि हिंदू धर्म की आबादी घट जाएगी. आबादी बढ़ेगी लेकिन विश्व की जनसंख्या में हिस्सेदारी घट जाएगी.

पीयू रिसर्च सेंटर ने सन 2000 के बाद हर 10 साल में हिंदुओं की आबादी पर एक विश्लेषण किया है. इस विश्लेषण के मुताबिक 2010 में हिंदुओं की आबादी दुनियाभर की आबादी का 15 फीसदी थी. रिसर्च के मुताबिक इस वक्त आबादी 103.22 थी. 2020 तक यानि अगले 10 साल में विश्व हिंदुओं की आबादी में दशमलव 2 फीसदी का इजाफा होगा. इस वक्त में हिंदुओं की आबादी दुनिया की कुल आबादी का 15.2 फीसदी होगी और हिंदुओं की कुल जनसंख्या 116.14 करोड़ होगी. अगले 10 साल में हिंदुओं की आबादी तो बढ़ेगी लेकिन विश्व की जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी में कोई इजाफा नहीं होगा. विश्व की आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 15.2 फीसदी ही होगी. इन 10 सालों में हिंदुओं की आबादी बढ़कर 116.14 करोड़ से बढ़कर 126.73 करोड़ हो जाएगी.

इसके बाद 2030 से 2040 के बीच में हिंदुओं की आबादी 134.27 करोड़ हो जाएगी. इस दौरान विश्व में हिंदुओं की आबादी में दशमलव 1 फीसदी की गिरावट होगी. ध्यान देने वाली है कि सामने रखे 40 साल के आंकड़ों में पहली यहां गिरावट हुई है. 2040 से 2050 के बीच हिंदुओं की कुल आबादी में सबसे कम इजाफा होगा. इस दौरान कुल आबादी 134.27 करोड़ से बढ़कर सिर्फ 138.44 होगी. चूंकि आबादी कम बढ़ रही है इसलिए दुनियाभर में हिस्सेदारी भी घटेगी. इस दौरान हिस्सेदारी 14.9 फीसदी रह जाएगी. यानि .2 फीसदी की गिरावट कुल हिस्सेदारी में होगी.

खैर आबादी के आंकड़े महज एक रिसर्च का हिस्सा हैं. इन्हें किसी भी तरह से वाट्सएप के हिंदू धर्म खतरे में है के मैसेज से जोड़कर न देंखे.