भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई अवसरों पर भारतीय युवाओं के बारे में बात करते सुने जा सकते है। मोदी जी कई बार कहते है की दुनिया की सबसे ज्यादा युवा शक्ति भारत में रहती है और ये भारत के भविष्य को उज्जवल बनाएंगे।

एक अरब और तैंतीस करोड़ की आबादी वाले देश भारत में 40 प्रतिशत आबादी 24 साल या उससे कम है। यानि की लगभग 69 करोड़ लोग ऐसे है जिनकी उम्र 24 साल या उससे कम है। वास्तव में जिस देश के पास इतनी युवा शक्ति हो वो कुछ भी कर सकता है। परन्तु भारतीय युवा 15 सेकंड के वीडियो बनाने वाली एप्लीकशन टिक टॉक के इस्तेमाल में इस तरह व्यस्त है की चीन के बाद इस एप्लीकशन को इस्तेमाल करने वाले सबसे ज्यादा यूजर भारत में रहते है।

समूचे दक्षिण एशिया में टिक टॉक का इस्तेमाल पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा किया जा रहा है पर भारतीय युवा सबसे आगे है। चीन की स्टार्ट अप कंपनी Bytedance Ltd जो की टिक टॉक की स्वमितव वाली कंपनी है की कीमत 70 बिलियन डॉलर आंकी गयी है।

युवाओं के बीच तेजी से प्रचलित हो रहे टिक टॉक में लड़के लड़किया अलग अलग तरह के संगीत को डाउनलोड करके उस पर सिर्फ ओठों को चलाते हुए साथ में बॉलीवुड स्टार्स की एक्टिंग की नक़ल करते हुए वीडियो बनाते है। वीडियो को ज्यादा से ज्यादा देखा जाये इसके लिए वो अलग तरह की हेयर स्टाइल और वेश भूषा बनाते है। बहुत बार देखा गया है की परिवार के बड़े बुजुर्ग इस तरह की समय की बर्बादी को देख कर नाराज होते है इस लिए ऐसे युवा ज्यादातर मॉल या पब्लिक एरिया में टिक टॉक वीडियो बनांते दिख जायेंगे।

15 सेकंड के एक वीडियो बनाने के लिए युवक युवतियां कई कई घंटे मोबाइल के सामने बार बार एक ही एक्टिंग करते हुए देखे जा सकते है। घंटो बार बार रिकॉर्डिंग करने के बाद हाथ लगता है 15 सेकंड का बहुमूल्य वीडियो रिकॉर्डिंग।

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार भारतीय युवाओं के टिक टॉक के प्रति बढ़ते रुझान के कई कारण है। सबसे बड़ा कारण है बेरोजगारी। बेरोजगार युवाओं के पास खाली समय ही समय है अब टाइम पास करने के लिए अगर कुछ ऐसा मिल जाये तो बस लग गए समय काटने में।

दूसरा सबसे बड़ा कारण है सस्ता इंटरनेट डाटा। जियो के टेलीकॉम सेक्टर में आने के बाद सस्ते डाटा प्लान ने युवाओं के हाथों में स्मार्ट फ़ोन और इंटरनेट पंहुचा दिया है। इंटरनेट पहुंचने के बाद ज्यादातर युवा उसका उपयोग सोशल मीडिया वेबसाइट चलाने और टिक टॉक जैसे वीडियो बनाने में व्यस्त है।

टिक टॉक के ज्यादा यूजर बढ़ने का एक और कारण है। फेसबुक या व्हाट्सअप में इंग्लिश का प्रयोग और टाइपिंग की दिक्कत। टिक टॉक में न तो इंग्लिश में पोस्ट जैसे कोई समस्या है और न ही कुछ टाइप करना है। सीधे भारतीय म्यूजिक को डाउनलोड करके उस पर एक्टिंग करनी है।

Bytedance Ltd जो की टिक टॉक की स्वमितव वाली कंपनी है ने भारत में लगभग 1 बिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट की बात कही है। कंपनी ने भारतीय चिंताओं को दूर करने के लिए algorithm में सुधार किया है। इससे पहले हाई कोर्ट ने टिक टॉक को प्रतिबंधित कर दिया था। हलाकि लोगों के विरोध के बाद टिक टॉक से प्रतिबन्ध को हटा लिया गया था।