आतंकी मसूद अजहर कश्मीर घाटी में आतंकियों के लिए धन जुटाने के लिए लंदन तक की यात्रा कर चुका है.सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट से इस बात का पता चलता है.ब्रिटेन जाने से पहले ये आतंकी 1990 में वक्त में फंड जुटाने के लिए ही सऊदी अरब,शारजाह,अबुधाबी,जांबिया और केन्या की यात्रा भी कर चुका था.रिपोर्ट के मुताबिक अजहर को ब्रिटेन में 15 लाख रूपए की मदद मिली थी.जबकि सऊदी अरब और शारजाह से उसे ज्यादा मदद नहीं मिल पाई थी.

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक मसूद 1992 में ब्रिटेन गया था.मसूद अजहर ने 1994 में भारत में पूछताछ में गिरफ्तार होने पर इस बात का खुलासा किया था.रिपोर्ट के मुताबिक अजहर ने जांच अधिकारियों को बताया की अक्टूबर 1992 में वो एक महीने के लिए ब्रिटेन गया था.वहां लंदन के साउथहॉल में एक मस्जिद के मौलवी ने उसकी इस यात्रा का इंतजाम किया था.मुफ्ती सिमाली नाम का ये मौलवी गुजरात का रहने वाला था.इसने कराची में पढ़ाई की थी.

मसूद अजहर ने एजेंसियों को बताया था,"मैं मुफ्ती इस्माइल के साथ एक महीने लंदन में रहा और कई शहरों की अलग अलग मस्जिदों में गया.इससे मैंने 15 लाख रूपए इकठ्ठा किए."रिपोर्ट के मुताबिक अजहर को अबूधाबी में 3 लाख,3 लाख रूपए शारजाह में जबकि सऊदी अरब की दूसरी यात्रा में उसे 2 लाख की मदद मिली.मसूद अजहर 1994 में भारत फर्जी पासपोर्ट की मदद से भारत आया था.

मसूद अजहर भारत में 2001 में हुए संसद हमले और पुलवामा हमले समेत कई बड़ी आतंकी घटनाओं का गुनहगार है.1999 में कंधार विमान अपहरण के बाद भारत दो और आतंकियों समेत रिहा किया था.