इन दिनों सोशल मीडिया और टीवी चैनल पर भारत के दो नक्शों की खासी चर्चा है. इन नक्शों में यह बताया जा रहा है कि किस तरह से बीजेपी शासित जनसंख्या की देश में कमी होती जा रही है. यह नक्शे महाराष्ट्र में बीजेपी के हाथ से सत्ता जाने के बाद से चर्चा में है. नक्शों के जरिए बताया जा रहा है कि किस तरह भगवा पार्टी का भारत में प्रभाव कम हो रहा है. ये नक्शे बीजेपी के कांग्रेस मुक्त भारत के दावे पर भी चोट करते हैं. लेकिन क्या वाकई में ऐसा है ? आज हम इन दो नक्शों के जरिए इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ये नक्शे भारत के मूड को दिखाते हैं.

एनडीटीवी इंडिया के पत्रकार अखिलेश शर्मा ने ट्विटर पर ट्वीट किया कि 2017 में बीजेपी अपने शीर्ष पर थी. उस समय देश की 71 फीसदी आबादी पर बीजेपी का शासन था. 2018 में तीन राज्यों के चुनाव हुए. एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में चुनाव में बीजेपी की हार हुई. इस तरह बीजेपी का शासन सिर्फ 51 फीसदी आबादी पर ही बचा, अब जबकि महाराष्ट्र में भी बीजेपी सत्ता से बाहर हो चुकी है तो सिर्फ 40 फीसदी आबादी पर ही बीजेपी का शासन बचा है. इसके बाद ही ट्विटर पर दो नक्शे फैल गए जिनके जरिए यह बताया जाने लगा कि बीजेपी का प्रभाव देश में किस तरह घट रहा है. लोगों के इस दावे की पड़ताल करने के लिए बहुत ज्यादा गहराई में जाने की जरूरत नहीं है. 4 राज्यों के चुनाव परिणाम के जरिए ही हम सच्चाई का पता लगा सकते हैं.

इन 4 राज्यों में हम शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ से, यहां बीजेपी की करारी हार हुई थी. हालांकि लोकसभा चुनाव में पार्टी ने वापसी की लेकिन फिर भी राज्य में बीजेपी को करारी शिकस्त मिली. इसके बाद राजस्थान की बात करते हैं. राजस्थान में बीजेपी को 73 सीटों पर जीत मिली. कांग्रेस को 99 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. चुनाव के पहले कहा जा रहा था कि बीजेपी की हालत बेहद खराब है लेकिन प्रदर्शन सुधार हुआ और लोकसभा में तो पार्टी ने यहां 25 में से सभी 25 सीटों पर जीत हासिल की. मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां बीजेपी ने 109 सीटों पर जीत हासिल की. कांग्रेस ने 114 सीटों पर जीत हासिल की. 15 साल के शासन के बाद भी हालत बीजेपी की उतनी खराब नहीं थी और लोकसभा में एक बार फिर से 29 में से 28 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की. अब बात महाराष्ट्र की करते हैं, यहां बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन ने लोकसभा में 48 में से 41 सीटों पर जीत हासिल की. विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी. बीजेपी ने यहां 105 सीटों पर जीत हासिल की. हालांकि बीजेपी को सत्ता से बेदखल होना पड़ा.

इन सभी आकंड़ों से एक बात साफ होती है कि भले ही ऊपर से देखने में ये लगे कि बीजेपी का नियंत्रण देश में घट रहा है लेकिन असलियत इसके विपरीत है. नक्शे में भले ही यह दिख रहा है कि महाराष्ट्र में बीजेपी का शासन खत्म हो गया लेकिन महाराष्ट्र की वो 105 सीटें दिखाती हैं कि बीजेपी की जनता पर पकड़ बरकरार है. इसी तरह एमपी भी भले ही नक्शे में भगवा हिस्से से हट गया हो लेकिन 109 सीटें विधानसभा की लोकसभा की 28 सीटें जनता में बीजेपी की लोकप्रियता दिखाती हैं. राजस्थान और छत्तीसगढ़ जरूर बीजेपी के लिए झटका थे लेकिन लोकसभा में पार्टी का प्रदर्शन वहां भी सुधरा.

ऊपर बताए गए आंकड़े बताते हैं कि सोशल मीडिया पर फैलाए गए नक्शे महज एक दिखावा सा हैं. इनके जरिए बीजेपी के विरोधी एक मनोवैज्ञानिक दबाव बना सकते हैं. यह दिखा सकते हैं कि बीजेपी का कांग्रेस मुक्त भारत कैसे गलत साबित हो रहा है. सोशल मीडिया पर बीजेपी नेताओं और समर्थकों को ट्रोल किया जा सकता है लेकिन ये नक्शे असलियत से दूर हैं. सच यह है कि बीजेपी की पकड़ जनता पर अभी भी मजबूत है और विपक्ष को अगर वाकई कुछ करना है तो उसे नक्शों का खेल छोड़कर जमीन पर जनता के दिल में ही बदलाव लाना होगा.