देश की राजधानी में क्राइम रूकना तो दूर बढ़ता ही जा रहा है.देश की राजधानी से क्राइम की राजधानी बनी दिल्ली में बीते साल भी क्राइम 6 फीसदी बढ़ गया. हालांकि पुलिस का दावा है कि गंभीर अपराध में गिरावट आई है. महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी कमी दिखाई गई है.

बुधवार को दिल्ली पुलिस के पुलिस कमिश्नर ने दिल्ली में अपराध का लेखाजोखा पेश किया. आंकड़ों के हिसाब से दिल्ली में अपराध साल 2017 की तुलना में 6 फीसदी ज्यादा हुए हैं. साल 2017 में 223077 केस दर्ज हुए तो बीते साल 236476 मामले दर्ज किए गए. हालांकि आंकड़ों को पेश कर दावा किया गया कि जो गंभीर अपराध हैं उनमें कमी आई है.

आंकड़ों के हिसाब से दिल्ली में अपराध साल 2017 में डकैती के 36 जबकि 2018 में 23 मामले दर्ज हुए. साल 2017 में हत्या के 462 जबकि 2018 में बढ़कर 477 मामले सामने आए. हत्या की कोशिश के 2017 में 615 जबकि बीते साल 515 केस दर्ज हुए. 2017 में फिरौती के 14 जबकि 2018 में बढ़कर 19 मामले सामने आए.

हालांकि महिलाओं के खिलाफ अपराध में मामूली कमी आई है. महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे रेप के 2017 में 2059 जबकि 2018 में मामूली कमी के साथ 2043 केस दर्ज हुए. छेड़खानी में भी मामूली कमी के साथ 2018 में 3175 केस दर्ज हुए. जबकि 2017 में ये आंकड़ा 3275 था.