मध्य प्रदेश के देवास जिले के पीपलरावां गांव में एक दलित परिवार में शादी की खुशियाँ उस समय मातम में बदल गयी जब बारात पर गांव के मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने पत्थरो से हमला बोल दिया।

हमला इतना वीभत्स था की एक व्यक्ति की भारी पत्थर सिर पर लगने से मौके पर ही मौत हो गयी जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों में 2 की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। बताया जाता है की कहासुनी की शुरुआत बारात में बज रहे तेज आवाज संगीत का विरोध करने पर हुई।

शादी गांव के रविदास जाति के परिवार में थी। दलित समुदाय के लोगों ने बताया की दूसरे समुदाय के लोगों ने पुलिस स्टेशन में भी उनके साथ मार पीट की। पुलिस ने भी माना है की लोगों ने बारातियों पर थाने में हमला करने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करके भीड़ को भगा दिया।

मारा गया युवक धर्मेंद्र शिंदे झगड़े को शांत करने का प्रयास कर रहा था और इसी बीच भीड़ में से किसी ने भारी पत्थर उसके सिर पर मार कर उसकी हत्या कर दी।

दलित समुदाय की और से दर्ज कराई गयी एफआईआर में 11 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। और हिंसा को आगे बढ़ने से रोकने के लिए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गयी है। सरकार की तरफ से मृतक व्यक्ति को चार लाख बारह हजार का मुआवजा देने की घोषणा की गयी है।