बीते लोकसभा चुनाव के बाद विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनने वाली बीजेपी ने इस चुनाव में एक और रिकॉर्ड बना दिया है. ये रिकॉर्ड उम्मीदवारों को चुनाव में उतारने के मामले में है. इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने इतिहास में सबसे ज्यादा उम्मीदवार उतारे हैं. सनी देओल समेत तीन उम्मीदवारों के नाम के एलान के साथ ही इस चुनाव में बीजेपी के 437 उम्मीदवार हो चुके हैं.

1984 के चुनाव में महज दो सीटें जीतने वाली बीजेपी ने खुद के 2009 के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. इससे पहले 2009 में बीजेपी ने मैदान में 433 उतारे थे. 2014 के चुनाव में भी उम्मीदवारों की संख्या में कोई कमी नहीं थी. इस चुनाव में बीजेपी ने 428 उम्मीदवार उतारे थे.खास बात ये है कि बीजेपी अभी भी कुछ सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है. पिछले चुनाव में बीजेपी ने बिहार में 30 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. इनमें से 22 सीटों पर उसे जीत भी मिली थी. इस बार जेडीयू से गठबंधन के बाद यहां बीजेपी के 16 उम्मीदवार ही हैं. दूसरी तरफ तमिलनाडु में बीजेपी ने 2014 में 9 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे लेकिन इस बार 5 सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं. इस तरह इन राज्यों में बीजेपी के उम्मीदवारों की संख्या में कमी आई है.

तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों की कमी को बीजेपी ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से पूरा किया है. आंध्र प्रदेश में टीडीपी से गठबंधन टूटने के बाद बीजेपी अकेले सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. दूसरी तरफ तेलंगाना में बीजेपी ने अकेले सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है. इस तरह बीजेपी ने अपने 2009 के आंकड़े को पार किया है. 2009 के चुनाव से पहले की अगर बात करें तो 2004 में बीजेपी के 364 और 1999 में 339 उम्मीदवार मैदान में थे. देखने वाली बात होगी की 2014 में 272 सीटों पर जीतने वाली बीजेपी इस बार कितने उम्मीदवारों को लोकसभा में पहुंचा पाती है.