बिहार के मुजफ्फरपुर के महिला आश्रम में कथित तौर पर हुए १६ बलात्कार और एक हत्या के मामले में पुलिस ने लाश बरामद करने के लिए आश्रम में खुदाई शुरू की है। पुलिस द्वारा बचाये जाने के बाद आश्रम में रहने वाली एक लड़की ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए ये बताया था की वंहा पर लड़कियों से मारपीट करना और जबरन शारीरिक उत्पीड़न करना आम बात थी।

आश्रम का स्टाफ लड़कियों के साथ मारपीट करता था, जिसकी वजह से एक लड़की की मौत हो गयी और उसे आश्रम में ही दफना दिया गया। लड़कियों के शरीर पर चोटों के निशान और सिगरेट से जलाये जाने के निशान भी मिले है। वंहा रहने वाली आधे से ज्यादा लड़कियों की मेडिकल जाँच में उनके साथ बलात्कार होने और नशे के इंजेक्शन देने के निशान मिले है।

बालिका गृह नाम से मशहूर ये महिला आश्रम सरकारी सहायता प्राप्त है। आश्रम में होने वाले अपराधों और अनियमताओं पर पहली बार ध्यान तब गया था जब टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल साइंस ने अपनी एक १०० पेज की रिपोर्ट में इन घटनाओ का जिक्र किया था।

पिछले कुछ समय में इस आश्रम से ६ लड़कियों के गायब होने की खबर सामने आयी है हालांकि आश्रम की फाइल में गायब हुई लड़कियों को भगोड़ा बताया गया है। विपक्ष ने नितीश कुमार को घेरते हुए तमाम आरोप लगाए है और सीबीआई जाँच की मांग की है।