दलित संगठनों ने प्रशासनिक सेवाओं में लैटेरल एंट्री के खिलाफ भारत बंद बुलाने का आवाहन किया है.दलित संगठन ये आंदोलन 15 अगस्त के आस पास कर सकते हैं. दलित संगठनों का कहना है कि सरकार इसके जरिेए संघ लोक सेवा आयोग जैसे संगठनों को कमजोर कर रही है. आपको बता दें कि हाल ही में सरकार ने लैटेरल एंट्री के जरिए करीब संयुक्ति सचिव के पद पर करीब नियुक्तियां करने का फैसला किया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए दलित कार्यकर्ता अशोक भारती ने कहा कि इस बार आंदोलन मानसून सत्र में किया जाएगा ताकि बड़े स्तर पर इसका बड़े स्तर पर संदेश जाए.,"अगर सरकार इस पर अभी भी ध्यान नहीं देती तो 2019 के चुनाव में दलित उन्हें इसका करारा जवाब देंगे".

"सरकार ने पहले से ही चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं को हथिया लिया और वो उनके इशारे पर नाच रही है.प्रशासनिक सेवाओं में लैटेरल एंट्री के जरिए सरकार संघ लोक सेवा आयोग जैसे संगठनों की भी उपेक्षा करना चाहती है."

अशोक भारती उन लोगों में से एक हैं जिन्होंने 2 अप्रैल के दलितों के भारत बंद के पीछे अहम भूमिका अदा की थी.ये बंद एससी-एसटी एक्ट में परिवर्तन के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बुलाया गया था. जिसमें जगह जगह हिंसा की खबरें सामने आईं थीं. यूपी,बिहार,मध्य प्रदेश में इस बंद के दौरान जान-माल का खासा नुकसान हुआ था.