बीते कई दिनों पहले उत्तर प्रदेश के मुज़्ज़फरनगर में स्थानीय मीडिया में एक पत्रकार द्वारा ली गयी एक बच्चे की फोटो काफी वायरल हुई थी। फोटो में एक बच्चा सड़क के किनारे फुटपाथ पर एक पतला कम्बल ओढ़े एक कुत्ते के लिपट कर सो रहा था। फोटो वायरल हुई तो स्थानीय प्रशासन भी जगा और बच्चे की खोज खबर शुरू हुई।

थोड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को बच्चा मिल भी गया। बच्चे का नाम है अंकित और उम्र १० वर्ष। अंकित कभी चाय की दुकान पर काम कर लेता है तो कभी किसी खाने के ठेले पर बर्तन धोने का काम। पूछताछ करने पर अंकित ने बताया की उसका पिता जेल में है और माँ ने घर से निकाल दिया है। वह किस जगह का रहने वाला है या उसका घर किस शहर में है इस बारे में उसे कुछ नहीं पता।

मौजूदा समय में उसके परिवार का एक ही सदस्य है उसका कुत्ता डैनी। डैनी हमेशा उसके साथ रहता है, अंकित जब भी चाय की दुकान पर काम करता है तो डैनी उसके साथ ही वंही बैठा रहता है। शाम को मिलने वाले रूपये से ही अंकित, डैनी और अपना पेट भरता है।

जब पत्रकारों ने अंकित से पूछा की इतनी सर्दी में वो कैसे अपना और कुत्ते का गुजारा कर रहा था तो अंकित बोला की उसके पिता जेल में है और माँ का पता नहीं है। वो कभी चाय की दुकान पर और कभी खाने के ठेले पर बर्तन साफ़ करके जो पैसे कमाता है उससे अपना और डैनी का गुजारा कर लेता है।

खबर वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस अफसर ने बच्चे का पता लगाया और सबसे पहले उसे सर्दी के कपड़े और जरूरी सामान दिलवाया। बच्चे के घर वालों के बारे में पुलिस प्रशासन पता करने की कोशिश कर रहा है। तत्काल पुलिस ने उसे अपनी सुरक्षा में एक स्थानीय महिला के घर रखवाया है।

स्थानीय सीओ कुलदीप सिंह का कहना है की बच्चे का दाखिला एक निजी स्कूल में करवा दिया गया है और पुलिस की कहने पर स्कूल प्रबंधक ने निशुल्क शिक्षा का आश्वासन दिया है। पुलिस ने कहा है की वो जल्द ही बच्चे के लिए एक स्थायी रहने की जगह का प्रबंध कर लेंगे।

"पुलिस ने मुझे नए कपड़े दिलवाये है और सही जगह रहने का प्रबंध किया है, मै पुलिस अफसरों का धन्यवाद करना चाहता हूँ" अंकित ने एक सवाल के जवाब में कहा।