अमेरिकी सरकार की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी(CIA) ने अपनी वर्ल्ड फैक्टबुक में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को धार्मिक मिलिटैंट संगठनों में जगह दी है. एजेंसी ने इन्हें उन संगठनों में भी जगह दी है जो किसी न किसी तरह से राजनीति को प्रभावित करते हैं लेकिन इनके लोग संसद में सदस्य बनकर नहीं जाते.

सीआईए ने अपने लिस्ट में आरएसएस हुर्रियत कॉफ्रेंस और जमीअत-उलेमा-ए-हिंद को भी इसी श्रेणी में जगह दी है.आरएसएस को इस सूची में राष्ट्रवादी संगठन,हुर्रियत कॉफ्रेंस को अलगाववादी वहीं जमीयत उलेमा ए हिंद को धार्मिक संगठनों में जगह दी गई है.
वहीं बीजेपी ने सीआईए की आरएसएस,विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के बारे में राय को गलत बताया है.बीजेपी संवाद सेल के पूर्व संयोजक खेमचंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा,"हम विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के बारे में सीआईए के दावे को खारिज करते हैं ये राष्ट्रवादी संगठन हैं कि न कि मिलिटैंट.जल्द ही इस मामले में हम कानूनी कार्रवाई शुरू करने पर विचार कर रहे हैं".
आपको बता दें कि सीआईए हर साल ऐसे मुद्दों पर एक फैक्टबुक तैयार करता है जो अमेरिकी सरकार को किसी न किसी तरह प्रभावित करते हैं.इसमें इतिहास,लोग,सरकारों,अर्थव्यवस्था,उर्जा,संचार,यातायात और सेनाओं की जानकारी दी जाती है.सीआईए के पास 267 देशों का डाटा होता है.एजेंसी 1962 से इस तरह का डाटा तैयार कर रही है और 1975 में इसे सार्वजनिक किया गया था.