सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और मेघालय सरकार को कहा कि वह पूर्वी जयंतिया हिल्स में खदान में फंसे खनिकों को निकालने के लिए विशेषज्ञों की मदद ले। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान अवैध खनन को लेकर सरकार को फटकार भी लगाई। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि अवैध खदानों को चलाने वाले लोगों और इसकी इजाजत देने वाले अधिकारियों का क्या हुआ? इसपर राज्य सरकार ने कहा कि जहां यह घटना हुई है, उस अवैध खदान को चलाने में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

जस्टिस ए. के. सीकरी और एस नजीर की बेंच ने कहा कि चमत्कार भी होते हैं, रेस्क्यू की कोशिशें जारी रखें। कोर्ट ने दोनों सरकारों से कहा, 'रेस्क्यू की अपनी कोशिशें जारी रखें। क्या पता कम से कम कुछ खनिक अब भी जिंदा हों? चमत्कार भी तो होते हैं।'

सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया कि अवैध खदान में फंसे 15 खनिकों को बचाने के अभियान में नौसेना ने पांच रिमोट संचालित उपकरण लगाए गए हैं। मेघालय सरकार ने कोर्ट को बताया कि खान से एक करोड़ लीटर पानी बाहर निकाला गया है लेकिन पास की नदी से हो रहे रिसाव की वजह से मजदूरों को निकालने का अभियान बाधित हो रहा है।

बता दें कि मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्‍स जिले में 13 दिसंबर से ही एक अवैध कोयला खदान में 15 खनिक फंसे हुए हैं। खनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कवायद चल रही है, लेकिन इतना लंबा वक्त गुजर जाने की वजह से खदान में फंसे खनिकों का जिंदा होना चमत्कार ही होगा। 13 दिसंबर को 370 फीट गहरे कोयला खदान में नदी का पानी भर जाने से सुरंग का रास्‍ता बंद हो गया था। तब से इसमें फंसे 15 खनिकों को बाहर निकालने की कोशिशें की जा रही हैं। सुरंग से पानी निकालने के लिए 2 पंप भी लगाए गए हैं।