विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के खिलाफ एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत जाकिर नाइक की 16.40 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय ने इस बात की जानकारी दी। ईडी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उसने मुंबई और पुणे में स्थित नाइक के परिवार के सदस्यों के नाम पर रजिस्टर्ड संपत्तियों को जब्त करने के लिए प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया है।

ईडी की तरफ जारी एक बयान में कहा गया है, ‘इन संपत्तियों की खरीद में धन के स्रोत व इनके असली मालिक की पहचान छुपाने की कोशिश की गई थी. जाकिर नाइक ने अपने खातों से इन संपत्तियों के लिए जो प्राथमिक भुगतान किया था वह उसकी पत्नी, बेटे और भतीजी के खातों में वापस भेज दिया गया था. इसके बाद नाइक के परिजनों की तरफ से दोबारा इन संपत्तियों की बुकिंग कराई गई थी.’ आज की कार्रवाई को मिलाकर नाइक की अब तक 50.49 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं.

गौरतलब है की जाकिर नाइक पर अपने भड़काऊ भाषण के जरिए ये मुस्लिम युवाओं को आतंकी बनने के लिए प्रेरित करने का आरोप है.उसका नाम 2016 में आया था. फिर उसी साल जुलाई में बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक आतंकी हमला हुआ था. उसमें 18 विदेशियों सहित 29 लोग मारे गए थे. तब जाकिर नाइक पर इस हमले के एक हमलावर को प्रेरित करने का आरोप लगा था और इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने नाइक के खिलाफ जांच शुरू की थी.जाकिर नाइक के चैनल पीस टीवी पर भी बैन लगाया जा चुका है.

बीते साल नाइक भारत छोड़कर मलेशिया भाग गया था.उसके पास मलेशिया की स्थायी नागरिकता भी है. हालांकि प्रत्यर्पण संधि के आधार पर बीते साल जनवरी में भारत ने मलेशिया सरकार से उसे प्रत्यर्पित करने की मांग की थी.