हम भारतीय और उनमें खासतौर पर हिंदू धर्म के लोग अवतार में यकीन रखते हैं.भगवान विष्णु से लेकर शंकर तक अवतारों का जिक्र भारतीय समाज में आपको आसानी से मिल जाएगा.इन दिनों भी भारत में एक अवतार पुरूष का जन्म हुआ है.हम भारतीय इस अवतार पुरूष की महानता के दर्शन वैसे तो कम से कम दो दशकों से कर रहे हैं लेकिन पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार बनने के बाद ये अवतार पुरूष अपनी दिव्यता के चरमोत्कर्ष को पार कर चुका है.जी हां आप सही समझ रहे हैं हम बात कर रहे हैं नेल्सन मंडेला के अवतार स्वरूप भारत में जन्म लेकर इसे कृतज्ञ करने वाले,अपने इकलौते जीवन में कम से कम चौदह जिंदगिया जीने वाले पंजाब सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की.

सिद्धू साहब ने इन दिनों कसम खा ली है की वो भारत और पाकिस्तान के बीच अमन लाकर रहेंगे.दरअसल सिद्धू साहब को इसकी एक खास वजह नजर आई है.दरअसल भारत के इस कथित नेल्सन मंडेला को पाकिस्तान में भी एक नेल्सन मंडेला नजर आ रहा है.इन मंडेला जी को लगता है की वो और उनका पाकिस्तान वाला नेल्सन मंडेला मिलकर भारत पाकिस्तान के बीच वो शांति स्थापित करेंगे की आने वाले दिनों में भारत पाक बॉर्डर पर इन्हीं दोनों के स्टेच्यू ऑफ ह्मूमिनिटी लगाए जाएंगे.

एक बेहद सामान्य सी कहावत है जुबान उठाकर पटकने में तो कुछ लगता नहीं जो मन में आए वो बोल डालो.सिद्धू साहब पाकिस्तान जाते हैं.उन्हें वहां इतना प्यार मिलता है की वो बताते हुए भावुक हो जाते हैं.इमरान उनका यार है अमन का फरिश्ता है.लेकिन शायद अक्ल के अंधे सिद्धू को भारत पाकिस्तान की राजनीति और चार चार भयंकर लड़ाईयां उनकी फूहड़ शायरियों की तरह ही आसान लगती हैं.
भारत के नेल्सन मंडेला जी को ये नहीं दिखता की अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान से अमन मांगा बदले में करगिल मिला.मनमोहन सिंह ने अमन मांगा और बदले में मुंबई के भयंकर हमले मिले और मॉर्निंग वॉक की तरह मुंह उठाकर पाकिस्तान जाने वाले हमारे मोदी जी को पठानकोट हमलों का प्रशस्ति पत्र पाकिस्तान ने दिया.मजे की बात ये है की ये सारे लोग भारत में चुनी हुई सरकारों के प्रमुख थे.जिनकी बात अपनी एक इज्जत थी.यहां कपिल शर्मा के शो में बैठकर ठोको ताली करने वाले को लगता है की पाकिस्तान जाकर बातों की चाशनी बनाने भर से यहां अमन की पैदाइश होने वाली है.

मजे की बात ये है की सीमा पार वाले नेल्सन मंडेला ने सिद्धू को पीएम बनने के भी ख्वाब दिखा डाले.ऐसा दिखता है की एक आदमी शांति का दूत बनने के लिए ऐसा बेताब है की पराया मुल्क भारत के खिलाफ एक कूटनीति के उसका पूरा इस्तेमाल लिए कर रहा है.सिद्धू साहब कहते हैं की भारत एक कदम बढ़े तो पाकिस्तान दो कदम बढ़ेगा.वो सही कह भी रहे हैं.दरअसल भारत एक कदम शांति के लिए आगे बढ़ाएगा और पाकिस्तान दो कदम आगे बढ़कर हमारी गर्दन उतारने की कोशिश करेगा.

सिद्धू अपना राग अलाप रहे हैं.बीजेपी सिद्धू के सहारे कांग्रेस पर हमला करके अपना काम पूरा कर लेती है.सिद्धू के सीएम अमरिंदर उनकी हरकतों को उनकी सोच बताकर खुद को अलग कर लेते हैं.दऱअसल वो जानते भी हैं और संदेश भी देना चाहते हैं की सिद्धू के ऊपर उनका कंट्रोल नहीं है और वो राहुल गांधी की देन हैं.कुल मिलाकर एक आदमी बेकार का तमाशा खड़ा किए हुए है और सब मजे में चल रहा है.

बीजेपी से इस मामले में क्या ही उम्मीद करें.लेकिन कांग्रेस को चाहिए की कम से कम सिद्धू को दिल्ली के अकबर रोड पर मुख्यालय में बैठाकर कम से कम पाकिस्तान और उसकी सेना का इतिहास ढ़ंग से समझाएं.क्योंकि यारी दोस्ती अपनी जगह ठीक है लेकिन कम से कम ये अमन चैन की बेवजह की ऊलजलूल बातों की त्रासदी से हम आम हिंदुस्तानी नागरिक बच सकें......