पीएम मोदी के भाषणों में आपने अक्सर सुना होगा कि वो गांवो तक बिजली पहुंचाने का जिक्र करते हैं. कांग्रेस सरकारों से तुलना करते हैं और बताते हैं कि उनके शासन काल में कितने गांवों तक बिजली पहुंचाई गई. गांवों तक बिजली पहुंचाने का आंकड़ा तो पीएम आपको बताते हैं लेकिन हम आपको बताने वाले हैं कि देश के कितने ऐसे स्कूल हैं जिनमें अभी तक बिजली नहीं पहुंची है. भारत सरकार के स्कूल और साक्षरता मंत्रालय के मुताबिक भारत के 37 फीसदी स्कूलों में अभी भी बिजली नहीं है. ये आंकड़े 2017-18 के हैं.

मंत्रालय के मुताबिक असम उन राज्यों में शीर्ष पर है जहां के स्कूलों में अभी भी बिजली नहीं पहुंची है. आंकड़ों के मुताबिक असम के 75 फीसदी से ऊपर ऐसे स्कूल हैं जहां पर बिजली नहीं है. पूर्वोत्तर का एक और राज्य त्रिपुरा इस मामले में दूसरे स्थान पर है. यहां 68 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में बिजली नहीं है. इन दोनों राज्यों के बाद उत्तर भारत के बड़े राज्य एमपी का नंबर आता है. यहां 67 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में बिजली नहीं है. यहां बीते 15 साल से खुद को बच्चों का मामा कहने वाले शिवराज सिंह चौहान का शासन था. इन राज्यों के बाद ओडिशा और जम्मू कश्मीर का नंबर आता है. इन दोनों राज्यों में 63 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में बिजली नहीं है. पूर्वोत्तर का एक और राज्य अरूणाचल प्रदेश भी इस मामले में खराब हालत में है. यहां 62 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में अभी भी बिजली नहीं पहुंची है.

राजनैतिक रूप से बेहद अहम और सक्रिय माने जाने वाले उत्तर प्रदेश और बिहार की हालत भी खराब है. जहां यूपी में 55 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में बिजली नहीं है, वहीं बिहार में भी 54 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में बिजली नहीं है. खास बात ये है कि ये दोनों राज्य लोकसभा में कुल मिलाकर 120 सांसद चुनकर भेजते हैं. एक वक्त में एक वोट से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिर गई थी. ऐसे में 120 सासंदों की कीमत का अंदाजा आप लगा सकते हैं लेकिन बदहाली का इन दोनों राज्यों में शायद स्थायी निवास बन चुका है. राजस्थान में भी राजनैतिक तौर पर बड़ी हलचल रहती है. यहां भी 35 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में बिजली नहीं है.

बड़े राज्यों में पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की हालत बाकियों से फिर भी बेहतर है. यहां लगभग 86 फीसदी स्कूलों में बिजली पहुंच चुकी है. 14-14 फीसदी स्कूल अभी भी यहां ऐसे हैं जिनमें बिजली नहीं है. उत्तराखंड के भी 76 फीसदी स्कूलों में बिजली पहुंच चुकी है. छत्तीसगढ़ में भी लगभग 72 फीसदी स्कूलों में बिजली पहुंच चुकी है. हालांकि झारखंड की हालत काफी खराब है यहां 52 फीसदी से ज्यादा स्कूलों में अभी भी बिजली नहीं है.

इन आंकडों को पढ़ते वक्त आपके लिए ये जानना भी जरूरी है कि बिजली पहुंचने का मतलब बिजली का कनेक्शन होना है. बिजली के तार में बिजली आती ही हो ये जरूरी नहीं है.