दिल्ली के निर्भया गैंगरेप और हत्या केस में राष्ट्रपति ने एक आरोपी मुकेश सिंह की दया याचिका ख़ारिज कर दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मुकेश सिंह और विनय शर्मा द्वारा दायर की गयी क्यूरेटिव पिटिशन खारिज दी थी। उसके बाद मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति से दया की याचिका करते हुए फांसी की सजा को माफ़ करने की गुहार लगायी थी। हालांकि राष्ट्रपति को याचिका भेजते हुए गृह मंत्रालय ने उसे ख़ारिज करने का सुझाव दिया था जिसे राष्ट्रपति ने मान लिया।

अब इस मामले में दोषी मुकेश सिंह को फांसी लगना तय हो गया है। क्यों की उसके पास मौजूदा सभी विकल्प ख़त्म हो चुके है। एक अन्य दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति के पास दया की गुहार लगायी थी पर फिर यह कहते हुए अपनी याचिका वापस ले ली थी की उससे जबरदस्ती दया याचिका जेल प्रशासन द्वारा लिखवाई गयी है।

दिल्ली में विधानसभा चुनाव जैसे जैसे करीब आते जा रहे है वैसे ही इस मुद्दे का राजनीतिकरण होता जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट से फांसी की सजा होने के बाद भी हुई देरी को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा की अगर दिल्ली पुलिस उनके आधीन होती तो वो आरोपियों को 2 दिन में फांसी पर लटका देते। मनीष सिसोदिया को ये भी बताना चाहिए की कैसे दिल्ली पुलिस इन आरोपियों को फांसी पर लटका सकती है। फांसी की सजा देना कोर्ट का काम है और कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए दोषी को फांसी पर टांगना जेल प्रशासन का काम है।

जेल प्रशासन और राज्य सरकार के द्वारा निश्चित तौर पर मामले में ढुलमुल रवैया अपनाया गया। दोनों की नींद तभी खुली जब हैदराबाद में गैंगरेप और जलाकर मार देने की घटना हुई और उसके बाद पूरे देश में गुस्से के माहौल बना की निर्भया केस में अभी तक फांसी की सजा क्यों नहीं हो पायी।

हालांकि अभी बाकि अन्य 3 दोषियों के पास राष्ट्रपति से दया की गुजारिश का मौका बचा हुआ है और जेल नियमों के अनुसार जब एक ही मामले में कई दोषियों को फांसी की सजा दी जा रही तो जब तक सभी की दया याचिका राष्ट्रपति के द्वारा ख़ारिज नहीं कर दी जाती तब तक किसी को भी फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता है।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने फांसी के लिए 22 जनवरी सुबह 7 बजे का दिन तय किया है। इस जघन्य और दिल दहला देने वाले केस में सभी दोषियों का फांसी पर लटकना तय है बस देखने वाली बात यही रहेगी की इसमें कितनी देरी होती है।