कुल जनसंख्या के मामले में वैसे तो भारत, चीन से पीछे है लेकिन नए साल पर भारत ने जनसंख्या से जुड़े ही एक मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया.जी हां दरअसल नए साल पर भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा बच्चे पैदा हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने ये जानकारी दी है. माना जा रहा है कि नए साल के पहले दिन दुनियाभर में 395,000 बच्चों ने जन्म लिया. भारत में इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या लगभग 70,000 है, जो कि दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा है. ऐसा माना जा रहा है कि कैलेंडर में 2019 की शुरूआत में दुनिया भर में 395,072 बच्चों का जन्म हुआ और भारत में पैदा हुए बच्चों की संख्या इसकी 18 फीसदी है.

ऐसा अनुमान है कि इनमें से आधे से ज्यादा बच्चे भारत, चीन, पाकिस्तान, संयुक्त राज्य अमेरिका और बांग्लादेश सहित आठ देशों में जन्में हैं. भारत में कुल 69,944 बच्चों के जन्म का अनुमान लगाया गया है. वहीं इसके बाद चीन में 44, 940 बच्चे, नाइजीरिया में 25,685 बच्चे, पाकिस्तान में 15,112 बच्चे, इंडोनेशिया में 13,256 बच्चे, अमेरिका में 11,086 बच्चे, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो 10,053 बच्चे और बांग्लादेश में 8,428 बच्चों का जन्म हुआ.नया साल आते ही सबसे पहले फिजी में बच्चों का जन्म हुआ जबकि नए साल के पहले दिन आखिरी बच्चे का जन्म अमेरिका में हुआ

यूनिसेफ ने सभी देशों से हर नवजात बच्चे के स्वस्थ और जीवित रहने के अधिकार को सुनिश्चित करने को कहा है. एजेंसी के उप कार्यकारी निदेशक शार्लेट पेट्री गोर्निटज्का ने दुनिया के देशों से प्रत्येक बच्चे के जीवित रहने के अधिकार सहित उनके अन्य अधिकारों को सुनिश्चित करने की अपील की है.भारत में यूनीसेफ की प्रतिनिधि डॉक्टर यास्मीन अली हक़ कहती हैं, ‘दुनियाभर में पैदा होने वाले बच्चों में कई एक दिन या साल भर भी ज़िंदा नहीं रह पाते. जन्म के समय मां या बच्चे में स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण उनकी जान चली जाती है. इसीलिए इस बार नए साल पर हमें संकल्प लेना होगा कि हर बच्चा इस तरह की जटिलताओं से सुरक्षित रहे.’आपको बता दें की भारत दुनिया के उन देशों में भी शामिल हैं जहां नवजात शिशु सबसे ज्यादा संख्या में पैदा होने के बाद दम तोड़ देते हैं.