गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर का 63 साल की उम्र में रविवार को निधन हो गया.वो अग्न्याशय के कैंसर से पीड़ित थे.गोवा के सीएम रहने के अलावा उन्होंने देश के रक्षा मंत्री का भी पद संभाला.मनोहर पर्रिकर 4 बार गोवा के सीएम रहे.IIT से पढ़े हुए मनोहर पर्रिकर बीजेपी में आने से पहले संघ से जुड़े हुए थे.उनके निधन पर राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं और हस्तियों ने दुख जताया है.

अपनी सादगी के लिए मशहूर मनोहर पर्रिकर के बारे में एक किस्सा बेहद मशहूर है.एक बार गोवा में वो स्कूटी पर सवार होकर जा रहे थे.तभी एक नौजवान की कार ने उन्हें टक्कर मार दी.पर्रिकर जी उठकर खड़े हुए.तब तक वो नौजवान भी कार से बाहर आ गया.उसने बेहद दंभ भरे अंदाज में पर्रिकर जी से कहा, "मैं गोवा के पुलिस कमिश्नर का बेटा हूं."पर्रिकर जी ने बेहद हल्की मुस्कान के साथ उसका जवाब दिया,"मैं गोवा का सीएम हूं." एक राज्य का सीएम इतने सादगी भरे अंदाज में जा रहा था की लोग उसे पहचान नहीं पा रहे थे और अगर पर्रिकर जी चाहते तो नौजवान पर गुस्सा भी उतार सकते थे लेकिन उन्होंने शांति का परिचय दिया.

उनकी सादगी के बारे में एक बात और मशहूर है बताते हैं की मनोहर पर्रिकर सीएम रहते हुए भी विमान में इकॅानमी क्लास में यात्रा करना पसंद करते थे. वह एयरपोर्ट पर यात्रियों के साथ लाइन में लगते थे और बोर्डिंग पास लेते थे. वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का भी इस्तेमाल करते थे.पर्रिकर को गोवा से बेहद प्यार था.जब वो देश के रक्षामंत्री थे तब भी महीने में एक बार गोवा जरूर जाते थे.ऐसे में जैसे ही उन्हें सीएम के तौर पर गोवा जाने का मौका मिला वो तुरंत तैयार हो गए.

गोवा का सीएम बनने के बाद महज एक साल में ही उनकी पत्नी का निधन हो गया.वो कैंसर से पीड़ित थीं.ऐसे में पर्रिकर ने बच्चों के साथ प्रदेश की जिम्मेदारी भी संभाली.मनोहर पर्रिकर की इमानदारी का परिचय इसी बात से मिलता है की जब वंशवादी राजनीति भारत में चरम पर है तब उनके दोनों बेटे राजनीति से बाहर हैं.गोवा में विपक्ष ने कई बार सवाल उठाए की पर्रिकर की सेहत खराब है ऐसे में सीएम बदला जाए लेकिन नाक में नली लगाए काम करते हुए पर्रिकर ने विपक्ष के सारे सवालों को नकार दिया.

पर्रिकर जी के बारे में बहुत कुछ लिखा जा सकता है.उनकी सादगी के तमाम किस्से हैं.लेकिन अभी जिस तरीके से उन्होंने गोवा की अंतिम सांस तक सेवा की उसके लिए अटल जी की ये लाइनें उपयुक्त हैं-
मैं जी भर जिया,मैं मन से मरूं
लौटकर आऊंगा,कूच से क्यों डरूं
मनोहर पर्रिकर ........ईश्वर आप की आत्मा को शांति दे..