जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना के द्वारा फायरिंग वैसे कोई नयी बात नहीं है पर सामान्य तौर पर इस तरह की गतिविधिया बर्फ गिरने से पहले आतंकियों को भारतीय सीमा में प्रवेश कराने के लिए होती है। पर इस बार बर्फ़बारी होने के बाद भी पाकिस्तानी सेना लगातार नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी कर रही है।

पाकिस्तानी सेना के द्वारा लगातार की जाने वाली फायरिंग का एक बड़ा कारण जम्मू कश्मीर में चल रहे स्थानीय चुनाव भी है। पाकिस्तान की लगातार आतंकी गतिविधियों के बावजूद घाटी में बड़ी संख्या में लोग चुनाव में भाग ले रहे है। जिस वजह से बौखलाहट में पाकिस्तानी सेना लगातार नियंत्रण रेखा के आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बनाये रखना चाहती है।

रविवार देर शाम को पाकिस्तानी सेना ने पूंछ के कुछ इलाकों में पहले छोटे हथियारों और उसके बाद तोपों से गोले बरसाये। हालांकि भारतीय सेना को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं पंहुचा है। पाक सेना के कुछ गोले रिहायशी इलाकों में भी गिरे। तोप का एक गोला पूंछ के जिला मुख्यालय के बिलकुल नजदीक आ कर गिरा।

भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाही में पाकिस्तान की कई चौकियों को निशाना बनाया। भारतीय सेना की कार्रवाही में पाकिस्तान की कई चौकियां तबाह हो गयी। कुछ पाकिस्तानी सैनिक भी मारे जाने की खबर है पर संख्या के बारे में पुष्टि नहीं हो सकी है।

इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को नियंत्रण रेखा पर बालाकोट सेक्टर में फायरिंग की थी जिसके बाद भारतीय सेना की कार्रवाही में उसकी कई चौकियां तबाह हो गयी थी। पाकिस्तानी सेना द्वारा की जा रही इस फायरिंग के कारण नियंत्रण रेखा के पास के गाँवो में रहने वाले स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है। शाम होते ही स्थानीय निवासी गोलीबारी से बचने के लिए सेना के द्वारा बनाये हुए बंकरो में चले जाते है।