थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चल रहे तनाव के चलते सेना की तैयारी का जायजा लेने लद्दाख पहुंचे है। जनरल नरवणे 2 दिनों तक सेना की अग्रिम पोस्ट और सीमावर्ती इलाकों में सेना की तैयारी का निरीक्षण करेंगे।

जनरल नरवणे का दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है। गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद बातचीत का जो दौर चला था, उसी बीच में २९\३० अगस्त को दोबारा फिर से चीन द्वारा की गयी उकसावे की कार्रवाही से तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया है।

दक्षिणी पैंगोंग झील पर उकसावे की कार्रवाही के बाद भारतीय सेना ने आसपास के सभी ऊंचाई वाले इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया है। जिनमे कई ऐसे इलाके भी शामिल है जिन पर पहले चीन की सेना ने कब्ज़ा कर पोस्ट बना रखी थी।

बढे हुए तनाव के बीच कई इलाके ऐसे भी है जंहा पर दोनों सेना सिर्फ १००-१५० मीटर की दूरी पर एक दूसरे के सामने भारी तोपखाने के साथ खड़ी हुई है। ऐसे में हालात कभी भी बिगड़ने की आशंका है।

लद्दाख में मौजूद सेना के उच्च अधिकारी जनरल नरवणे को मौजूदा हालात से अवगत कराएंगे। साथ ही चीनी सेना को खदेड़ने वाले भारतीय सेना के जवान और स्पेशल फ्रंटियर फाॅर्स के जवानों से भी सेना प्रमुख मुलाकात करेंगे।

जनरल नरवणे ने मौजूदा हालात को देखते हुए म्यांमार की अपनी यात्रा स्थगित कर दी है। भारतीय थल सेना के साथ लेह में वायुसेना भी युद्ध स्तर पर अलर्ट है। वायुसेना के लड़ाकू और टोही विमान लगातार सीमा पर गश्त कर रहे है।