भारत ने चीन को उसी की भाषा में जवाब देने का मन बना लिया है. भारत ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर मिसाइलों की तैनाती कर दी है. भारत ने ये कदम एलएसी पर चीनी हेलीकॉप्टरों की गतिविधि को देखते हुए उठाया है. हाल ही में रूस से लिए गए हवाई डिफेंस सिस्टम के साथ सैनिकों की तैनात कर दिया है ताकि चीन के हर एक कदम पर नजर रखी जा सके. न्यूज एजेंसी एएनआइ के मुताबिक ये मिसाइलें ऊंचाई पर तैनात की गई हैं, ताकि चीनी विमानों की निगरानी की जा सके और उन्हें भारत की हवाई सीमा में घुसने से रोका जा सके.

भारत ने ये मिसाइलें पूर्वी लद्दाख सेक्टर में गलवन घाटी और पैट्रोलिंग पॉइंट 14, जैसे भारतीय क्षेत्रों में तैनात की हैं. दरअसल बीते कुछ दिनों में चीनी हेलिकॉप्टरों ने भारत की सीमा में घुसने की कोशिश की है.भारत शिनजियांग और तिब्बत क्षेत्र में चीनी सेना के होटन, गर गुनसा, काश्गर, होपिंग, डोंकाका, लिंझी और पंगत हवाई अड्डों पर कड़ी नजर रख रहा है. इन सभी क्षेत्रों में चीन की गतिविधि पिछले कुछ दिनों में काफी ज़्यादा बढ़ चुकी है.

आपको बता दें कि चीन ने बीते दिनों में उकसावे भरी कार्रवाई करते हुए, कैलाश-मानसरोवर क्षेत्र में मिसाइलें तैनात की थीं. मिसाइलों की ये तैनाती चीन ने उस वक्त की है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए लगातार बातचीत का दौर जारी है. सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने वार्ता के विफल होने पर सैन्य विकल्प खुला होने की बात कही थी और पूर्वी लद्दाख में मिसाइलों की तैनाती, उसी कार्रवाई का एक हिस्सा माना जा रहा है, ताकि चीन को उसी की भाषा में जवाब दिया जा सके.

भारत और चीन के सैनिकों के बीच बीती 15 जून को हिंसक झड़प भी हो चुकी है जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. ये भिड़ंत गलवान घाटी में हुई थी. अमेरिकी खुफिया एजेंसी के मुताबिक चीन के भी 35 से ज़्यादा सैनिक इस झड़प में मारे गए थे. हालांकि, चीनी सरकार की तरफ से किसी भी की संख्या की पुष्टि नहीं की गई थी.