भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संस्थान इसरो ने आज दुनिया के सबसे ताकतवर निगरानी उपग्रह कार्टोसैट-3 को आज सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में निर्धारित कक्षा में पंहुचा दिया है। दुनिया के सबसे ताकतवर कैमरे से लैस या उपग्रह भारत की सुरक्षा के हिसाब मील का पत्थर साबित होगा।

जमीन से लगभग 509 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्कर लगा रहे इस उपग्रह से पृथ्वी पर आपके हाथ में बंधी हुई घड़ी में समय क्या हो रहा है यह तक देखा जा सकता है। मौजूदा समय में किसी भी देश के पास इतने उच्च गुणवत्ता के कैमरा से लैस उपग्रह नहीं है।

पैनक्रोमैटिक मोड में यह उपग्रह एक समय में 16 किलोमीटर इलाके को एक साथ कवर कर सकता है और ज़ूम करके किसी विशेष जगह की निगरानी की जा सकती है। युद्ध के समय दुश्मन की मूवमेंट हो या उसके ठिकानों का सटीक पता लगाना हो इस उपग्रह की मदद से यह काम बेहद आसानी से किया जा सकेगा।

पूर्व में भारत द्वारा की गयी सर्जिकल स्ट्राइक में भी इसरो ने अपने उपग्रहों से भारतीय सेना को सटीक जानकारी उपलब्ध कराई थी। प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय सेना ने इसरो को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

सैन्य अभियानों के अलावा प्राकृतिक आपदा के समय राहत और बचाव के लिए भी कार्टोसैट-3 बेहद महत्पूर्ण रोल अदा करेगा। दुर्गम स्थानों पर होने वाले निर्माण कार्य में भी इसकी मदद ली जाएगी। कार्टोसैट-3 अगले पांच साल तक अपनी कक्षा में पृथ्वी का चक्कर लगायेगा। इसरो ने कार्टोसैट-3 के अलावा 13 अमेरिकी उपग्रहों को भी PSLV C47 रॉकेट से सफलता पूर्वक लांच किया है।