महाराष्ट्र सरकार इमारतें बनाने और निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को साइकिल देगी.मजदूर अपनी काम करने की जगह पर समय से पहुंच सकें इसके लिए सरकार ये फैसला कर रही है.दरअसल कई बार निर्माण कार्य की जगह शहर से दूर होती है ऐसे में मजदूरों को वहां तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.सरकार का मानना है की इस दिक्कत की वजह से मजदूरों के काम करने की क्षमता पर फर्क पर पड़ता है.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में लेबर मंत्रालय के अधिकारी ने कहा,"खराब यातायात सुविधाओं की वजह से मजदूर देर से काम करने की जगह पर पहुंचते हैं.इससे उन पर काम का बोझ,मानसिक तनाव बढ़ता है और काम करने की क्षमता घटती है."महाराष्ट्र सरकार इस बारे में बहुत पहले से ही विचार कर रही है लेकिन ये फैसला ताजा लिया गया है.मंत्रालय के एक और अधिकारी के मुताबिक सरकार निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले साढ़े तीन लाख लोगों मजदूरों को साइकिल देगी.सरकार की इस योजना में 151 करोड़ रूपए का खर्चा आएगा.

लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद सरकार साइकिल बांटने के लिए टेंडर निकालेगी.सभी लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिले इसके लिए सरकार साइकिल के साथ मजदूरों को एक स्मार्ट कार्ड भी देगी.आपको बता दें की पूरे महाराष्ट्र में करीब 26 लाख मजदूर हैं जिनमें से साढ़े बारह लाख लेबर मंत्रालय में रजिस्टर्ड हैं.