दिल्ली हाईकोर्ट ने ई फार्मेसी की ऑनलाइन दवाई बिक्री पर रोक लगा दी है.जस्टिस राजेंद्र मेनन और वी कामेश्वर राव की बेंच ने 1940 और 1948 के ड्रग्स कॉस्मेटिक्स और फॉर्मेसी एक्ट का हवाला देते हुए फिलहाल दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगा दी है.आपको बता दें की याचिकाकर्ता जहीर अहमद ने दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर पूरी तरह से रोक की मांग की है.

अदालत ने इससे पहले इस याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन, भारतीय फार्मेसी परिषद से जवाब मांगा.केस की अगली सुनवाई अगले साल 25 मार्च को होगी.गौरतलब है की दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के लिए फिलहाल कोई कानून नहीं है.याचिका में कहा गया है की दवाईयों की ऑनलाइन गैरकानूनी बिक्री से दवाईयों के दुरूपयोग जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

याचिका में कोर्ट का ध्यान ड्रग कंसलटेटिव कमेटी द्वारा नियुक्त सब कमेटी की उस रिपोर्ट की ओर भी दिलाया गया जिसमें दवाओं की ऑनलाइन बिक्री को लोगों के लिए खतरनाक बताया गया था और कहा गया गया था की इस तरह से दवाओं की बिक्री को मंजूरी नहीं दी जा सकती.याचिका में यह भी कहा गया है की बीते समय में लाखों दवाईयां कानून का उल्लंघन कर बेचीं गईं हैं