लोकसभा 2019 का चुनाव खत्म होकर नई सरकार भी बन चुकी है. पीएम मोदी आने वाले 15 अगस्त को लाल किले पर एक बार फिर से झंडा फहराने वाले हैं. इसी बीच चुनाव से जुड़े दिलचस्प आंकड़ों और विश्लेषणों का आना जारी है. ताजा आंकड़े इस तथ्य पर आधारित हैं कि बीजेपी को चुनाव में किस आर्थिक वर्ग के कितने लोगों ने वोट किया और पिछले चुनाव की तुलना में ये कितना बढ़ा या घटा. ये सर्वे चुनाव पर आधारित अध्ययन करने वाली संस्था सीएसडीएस और लोकनीति ने जारी किए हैं.

सीएसडीएस ने आर्थिक आधार पर वोटरों को कई वर्गों में बांटा है. गरीब, लोअर क्लास, मिडल क्लास और अपर मिडल क्लास के तौर पर ये विभाजन किया गया है. सीएसडीएस के अध्ययन के मुताबिक 2019 के चुनाव में बीजेपी के वोटरों में सबसे ज्यादा गरीबों का इजाफा हुआ है. आंकड़े बताते हैं कि बीजेपी को 2014 में 24 फीसदी गरीबों ने वोट किया था. 2019 में आंकड़ा बढ़कर 36 फीसदी तक पहुंच गया. इस तरह बीजेपी के वोटरों में 12 फीसदी का इजाफा हुआ है.

अगर लोअर क्लास की बात करें तो 2014 में बीजेपी को इस वर्ग का 31 फीसदी वोट मिला था. 2019 में इस वर्ग में वोट शेयर में 5 फीसदी का इजाफा हुआ. इस तरह लोअर मिडिल क्लास के 36 फीसदी लोगों ने बीजेपी को वोट किया. अब बात मिडिल क्लास की करें तो यहां भी बीजेपी को फायदा हुआ है. यहां बीजेपी को 6 फीसदी वोट का फायदा मिला है. 2014 में मिडिल क्लास के 32 फीसदी लोगों ने बीजेपी को वोट किया था. इस बार मिडिल क्लास के 38 फीसदी लोगों ने बीजेपी को वोट किया है.अपर मिडिल क्लास के मामले में बीजेपी को बड़ा फायदा हुआ है. अपर मिडिल क्लास का 44 फीसदी वोट बीजेपी को मिला है. ये बाकी वर्गों से कहीं ज्यादा है. 2014 में इस वर्ग के 38 फीसदी लोगों ने बीजेपी को वोट किया था. 2019 के चुनाव में इसमें 6 फीसदी का इजाफा हुआ है.

आंकड़ों से एक बात को साफ है कि बीजेपी एक पार्टी के तौर पर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है. आमतौर पर बीजेपी को शहरी और अमीर लोगों की पार्टी कहा जाता था लेकिन इस चुनाव में जिस तरह से गरीबों का 12 फीसदी वोट बढ़ा है और 36 फीसदी वोट बीजेपी को मिला है, वो दिखाता है कि बीजेपी की पैठ अब हर एक वर्ग में बन चुकी है.