महाराष्ट्र के औरंगाबाद में आज सुबह तड़के के हृदय विदारक घटना हुई। अपने घर जाने के लिए निकले प्रवासी मजदूर स्टेशन पहुंचने से 20 किलोमीटर पहले थक कर ट्रेन की पटरी पर ही सो गए। कुछ देर बाद धड़धड़ाती हुई निकली खाली मालगाड़ी ने उनका ये सफर आखिरी सफर बना दिया।

16 लोग घटना स्थल पर ही मारे गए जबकि 3 लोगों की जान बच गयी क्यों की वो पटरी से थोड़ी दूरी पर बैठे थे। कुछ लोग सोच रहे है होंगे की आखिर ये मजदूर पटरी पर क्यों सो गए। सभी लोगों को औरंगाबाद से मध्यप्रदेश के लिए चल रही स्पेशल श्रमिक ट्रेन पकड़नी थी। इसलिए उन्होंने पटरी के किनारे किनारे चलने का फैसला किया जिससे सीधे स्टेशन पहुंच जाए। साथ ही उन्हें लगा की लॉकडाउन की वजह से ट्रेन बंद है इसलिए पटरी पर बैठने या लेटने में कोई खतरा नहीं है।

दिल्ली के बिजवासन में फँसे सैकड़ो मज़दूर परिवार कोरोना से जान बचाएं या भुखमरी से

पटरी पर बिखरा सामान, रोटियां और लाशों के टुकड़े कोरोना काल ने वो भयानक त्रासदी का मंजर पैदा किया है जिसे शायद को सपने में भी देखना नहीं चाहेगा। मरने वाले सभी मजदूर मध्यप्रदेश के थे। मृतकों में कुछ बच्चे भी शामिल है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सभी मृतकों को ५-५ लाख रूपये सहायता देने की घोषणा की है और घटना पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर घटना पर दुःख जताया है और रेल मंत्री पीयूष गोयल को घटना पर नजर बनाये रखने और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद करने को कहा है।