उत्तर प्रदेश में आगरा के फतेहाबाद इलाके में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में 10 वर्षीय बालक के गिरने के बाद उसे बचाने उतरे 4 अन्य लोगों सहित कुल 5 लोग की मौत हो गयी।

जानकारी के अनुसार घर में पुराने सेप्टिक टैंक के भर जाने के बाद उससे 3 फ़ीट की दूरी पर नये टैंक का निर्माण करने के लिए गड्ढा खोदा गया था। पुराने भरे हुए टैंक से धीमे धीमे पानी रिस कर नये खोदे गए गड्ढे में भर गया। गड्ढा में लगभग 4 फ़ीट पानी जमा हो गया था और उसे ढका नहीं गया था।

एक के बाद एक पांच मौतों का यह सिलसिला जब शुरू हुआ जब एक 10 वर्षीय बालक अनुराग खेलते समय गड्ढे में गिर गया। सीवर के पानी से भरे गड्ढे में जब अनुराग डूबने लगा तो उसका 17 वर्षीय भाई हरिमोहन उसे बचाने के लिए गड्ढे में उतरा। गड्ढे में उतरते ही वह भी मौजूद गैस के प्रभाव से बेहोश हो कर पानी में गिर गया।

उसके बाद एक एक करके अनुराग का दूसरा 16 वर्षीय भाई अविनाश और बच्चों के 32 वर्षीय चाचा सोनू भी गैस का शिकार हो गए। अचानक से एक ही परिवार के 4 सदस्यों को गड्ढे में गिर कर बेहोश होता देख पड़ोस में रहने वाले 20 वर्षीय योगेश बघेल सभी को बचाने आये पर गड्ढे से वापस नहीं आ सके।

सेप्टिक टैंक के लिए खोदे गए नये गड्ढे में पुराने सीवर से गैस लीक हो कर भर गयी थी जिस वजह से एक एक कर पांचो लोग नीचे उतरते ही बेहोश हो गए। गांव के ही एक अन्य युवक ने समझदारी से काम लेते हुए पहले एक बाल्टी को रस्सी से बांध कर पूरे गड्ढे में घुमाया, जिससे उसने गैस के जाल को तोड़ दिया फिर खुद को रस्सी से बांध कर नीचे उतर कर एक एक कर सभी को बाहर निकाला।

जिसके बाद सभी को पहले पास के हॉस्पिटल उसके बाद मेडिकल कॉलेज आगरा ले जाया गया पर वंहा सभी लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंच के हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। सरकार की तरफ से २-२ लाख रूपये मुआवजा मृतक के घर वालों को देने की घोषणा की गयी है।