इटली की एक पत्रकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयरस्ट्राइक जैश ए मोहम्मद के 170-180 आतंकी मारे गए. इस रिपोर्ट में दावा है कि 45 घायल आतंकियों का इलाज आज भी पाकिस्तान के एक अस्पताल में हो रहा है. इटली की पत्रकार फ्रेंसेसा मैरिनो ने STRINGERASIA.IT में इस घटना के बारे में लिखा है. आपको बता दें कि भारत ने बीती 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी जिसमें बड़ी तादाद में आतंकियों के मारे जाने का दावा किया जा रहा था.

मैरिनो ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, "भारतीय वायु सेना ने तड़के साढ़े तीन बजे हमला किया. , शिंकयारी आर्मी कैंप से सेना की एक टुकड़ी घटनास्थल पर पहुंची.'मैरिनो ने आगे बताया 'सेना की टुकड़ी हमले के दिन सुबह 6 बजे घटनास्थल पर पहुंची. शिंकयारी बालाकोट से 20 किलोमीटर दूर है और यह पाकिस्तान आर्मी का बेस कैंप भी है. इस जगह पर पाकिस्तानी सेना की जूनियर लीडर्स एकेडमी भी है. सेना के बालाकोट पहुंचते ही वहां से कई घायल लोगों को पाकिस्तानी सेना के अस्पताल पहुंचाया गया. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक आर्मी कैंप के अस्पताल में अभी भी तकरीबन 45 लोगों का इलाज चल रहा है." मैरिनो के अनुसार इलाज के दौरान 20 लोगों की मौत हो चुकी है.'

इटैलियन पत्रकार ने बताया कि 'इलाज के बाद जो आतंकी ठीक हो गए उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया गया है और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें अपनी हिरासत में रखा है.मैरिनो ने आगे बताया, 'जो कैडर (आतंकी) मारे गए उनमें 11 ट्रेनर भी हैं. मृतकों में कुछ बम बनाने और हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने वाले भी लोग हैं. जिन परिवारों के लोग इस हमले में मारे गए, उनकी ओर से कोई जानकारी बाहर लीक न हो, इसके लिए भी जैश ने पूरा इंतजाम किआ. मारे गए आतंकियों के घर जाकर जैश के आतंकियों ने मुआवजा तक दिया.'

गौरतलब है कि 14 फरवरी के जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमले में जवानों की शहादत के बाद देश में गुस्से का माहौल था. इस हमले में जैश ए मोहम्मद का नाम सामने आ रहा था. इसके बाद भारत 26 फरवरी में पाकिस्तान के बालाकोट में वायुसेना के जरिए हमला किया था. इसमें जैश के कई बड़े आतंकियों समेत बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने का दावा किया जा रहा था. इस एयरस्ट्राइक के बाद भारत में राजनीति शुरू हो गई थी. विपक्ष ने भारत से पाक में हुए हमले का सबूत भी मांगा था. लोकसभा चुनाव के दौरान आई इटली की पत्रकार की ये रिपोर्ट विपक्ष की मुश्किलें बढ़ा सकती है.