नशे की समस्या बड़ी है. पूरी दुनिया में लोग इससे प्रभावित हैं. भारत में भी ये समस्या काफी गंभीर है. पंजाब में नशे का कारोबार काफी ज्यादा है. यहां ड्रग्स का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है. इसी तरह आए दिन देश के अलग अलग हिस्सों से लोगों के कच्ची शराब पीने से मौत के मामले सामने आते रहते हैं. वैसे तो भारत में भी हर तरह का नशा लोग इस्तेमाल करते हैं लेकिन एम्स के सर्वे के मुताबिक नशे के लिए सबसे ज्यादा लोग अल्कोहॉल यानि अलग अलग तरह की शराब का इस्तेमाल करते हैं.

एम्स और नशा मुक्ति केंद्र के 2018 में किए गए सर्वे के मुताबिक देश में 16 करोड़ लोग नशे के लिए अल्कोहॉल का इस्तेमाल करते हैं. इस तरह देश की कुल आबादी के 14 फीसदी से ज्यादा लोग अल्कोहॉल को नशे के लिए इस्तेमाल करते हैं. इन दोनों संस्थाओं ने ये सर्वे 10 साल की उम्र से लेकर 75 साल की उम्र तक के लोगों के बीच किया है. सर्वे के मुताबिक भारत में एल्कोहॉल के बाद नशे के लिए भांग, चरस और गांजा जैसी नशीले पदार्थों का होता है. भारत में 3 करोड़ से ज्यादा लोग यानि कुल आबादी का 2.8 फीसदी से ज्यादा लोग नशे के लिए भांग, गांजे और चरस का इस्तेमाल करते हैं. हेरोइन जैसी ड्रग्स काफी महंगी होती हैं. इसके बावजूद भारत में इनको इस्तेमाल करने वालों की तादाद बहुत ज्यादा है. सर्वे के मुताबिक भारत में 2 करोड़ से ज्यादा लोग ड्रग्स का इस्तेमाल नशे के लिए करते हैं. ये संख्या भारत की कुल आबादी के 2 फीसदी से कुछ ज्यादा है.ऐसी नशीली दवाईयां जिनसे नशा चढ़ सकता है उन्हें भी लोग नशे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. भारत में ऐसे लोगों की तादाद 1 करोड़ से थोड़ी ज्यादा ही है यानि कुल आबादी के 1 फीसदी से ज्यादा लोग नशे के लिए दवाईयों का इस्तेमाल करते हैं.

जिन नशीली चीजों का जिक्र हमने ऊपर किया वो नशीले पदार्थों के तौर पर ही जानी जाती हैं. इनके इतर भी कुछ ऐसी चीजें हैं जो आपके रोजमर्रा के काम में आते हैं लेकिन लोग इनका इस्तेमाल नशे के लिए करने लगते हैं. मसलन आप व्हाइटनर का इस्तेमाल करते हैं. लिखते वक्त कुछ गलत हो जाए तो ठीक करने के लिए. इस व्हाइटनर के साथ आने वाला स्प्रिट का इस्तेमाल नशे के लिए काफी किया जाता है. इसी तरह स्प्रे पेंट्स जैसे पदार्थ भी नशे में इस्तेमाल हो जाते हैं. भारत में इस तरह से नशा करने वालों की तादाद भी 77 लाख है और कुल आबादी के .7 फीसदी लोग इस तरह से नशा करते हैं.