थाईलैंड में एक व्हेल मछली की करीब 80 प्लास्टिक बैग खाने के बाद मौत हो गई.दक्षिणी थाइलैंड में मलेशिया सीमा पर लगभग मरी हुई हालत में व्हेल को इलाज के बावजूद बचाया नहीं जा सका.

व्हेल के पोस्टमार्टम से पता चला कि उसने 8किलोग्राम वजन के 80 प्लास्टिक खाए हुए थे जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. ब्रिटिश अखबार द गार्जियन से बातचीत में एक बॉयोलाजिस्ट ने कहा कि दरअसल 80 बैग खाने के बाद व्हेल बाकी कुछ खा नहीं सकी और उसकी मौत हो गई.
बॉयोलाजिस्ट के अनुसार थाइलैंड दुनिया में सबसे ज्यादा का प्लास्टिक का उपयोग करने वाले देशों में है. प्लास्टिक के इसी उपयोग के कारण लगभग हर साल थाईलैंड में व्हेल,समुद्री कछुओं और डालफिन समेत करीब 300 समुद्री जीव अपनी जान गंवा देते हैं. प्लास्टिक का इतना बड़ा इस्तेमाल एक बड़ी समस्या है.
व्हेल के मौत के बाद थाईलैंड के लोगों में भी गुस्सा है. एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा है, "मैं उस व्हेल के लिए बेहद दुखी हूं जिसने कुछ भी गलत नहीं किया लेकिन इंसानों के गलत कामों की वजह से उसे मरना पड़ा."

गौरतलब है कि भारत में भी जल प्रदूषण एक बड़ी समस्या है और ग्रीन पीस स्टडी के अनुसार, दुनिया के 10 प्रदूषित शहरों में 4 शहर भारत के हैं। भारत में 70 फीसदी पानी पीने लायक नहीं है और 25 प्रतिशत जमीन बंजर हो चुकी है।
राजस्थान में पीने लायक पानी बहुत कम बचा है। ज्यादातर जिलों में फ्लोराइड व लवणीय पानी की समस्या है। पेयजल में अगर फ्लोराइड की मात्रा 1.5 पीपीएम से ज्यादा है, तो मानव शरीर के लिए घातक है। फ्लोराइड की अधिकता से हड्‌डी फ्लोरोसिस व दंत फ्लोरोसिस रोग होते हैं।