महाराष्ट्र सरकार के राज्य में पॉलीथीन के उपयोग को बंद करने से करीब 15 हजार करोड़ के राजस्व का नुकसान होगा वहीं करीब 3 लाख लोगों को इससे अपने नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा.भारतीय प्लास्टिक बैग मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएसन ने इस बैन को भेदभाव बताया है. आपको बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने बीते 23 जून से राज्य में प्लास्टिक बैग पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था.

प्लास्टिक बैग एसोसिएशन के महासचिव के अनुसार, " प्लास्टिक बैन के फैसले ने इंड्रस्ट्री को बुरी तरह प्रभावित किया है और इससे करीब 15 हजार करोड़ का नुकसान होगा और साथ ही 3 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे".सरकार के प्लास्टिक बैन पर फैसले के अनुसार राज्य में ब्रांडेड समानों को छोड़कर हर तरह के प्लास्टिक के सामान पर बैन लगाने का निर्णय लिया गया है.वो सभी लोग जिनके पास प्लास्टिक का ये सामान है इसे डिस्पोज करने के लिए करीब 3 महीने का वक्त दिया गया है.
प्लास्टिक इंड्रस्ट्री के लोगों का मानना है कि बैन के कारण लोग बेरोजगार होंगे जिससे महाराष्ट्र की GDP पर प्रभाव पड़ेगा साथ ही प्लास्टिक इंड्रस्ट्री पर बैंकों के लोन में भी वृद्धि होगी.

बैन के बारे में फुटकर व्यापारियों का कहना है कि बैन पर उल्लघंन पर भारी जुर्माने से वो आर्थिक तौर पर प्रभावित और उन्हें तमाम ग्राहकों को वापस भेजना होगा.आपको बता दें कि बैन के पहली बार उल्लघंन पर 5 हजार,दूसरी बार उल्लघंन पर 10 हजार जबकि तीसरी बार उल्लघंन पर 20 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया गया है