अभिनेता सुशांत राजपूत के सुसाइड करने के बाद से बॉलीवुड के कई बड़े निर्माता और अभिनेता आलोचकों के निशाने पर हैं. इन लोगों पर बॉलीवुड में मनमानी चलाने और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने का आरोप लग रहा है. लोगों का कहना है कि सुशांत के आत्महत्या करने के पीछे बॉलीवुड पर कथित रूप से राज करने वाली इस लॉबी का हाथ है. बॉलीवुड के भाई जान कहे जाने वाले सलमान खान और निर्माता करण जौहर पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है. इस सबके बीच सवाल खड़ा होता है कि आखिर इन लोगों की 'दबंगई' बॉलीवुड में कितने दिनों तक चलने वाली है. बीते कुछ सालों में सुपरस्टार अभिनेताओं का जलवा लगातार कम होता आया है. शाहरूख और आमिर तक की फिल्में अच्छा कारोबार नहीं कर पा रहीं और सलमान खान की भी फिल्मों के कारोबार में गिरावट है. आयुष्मान खुराना जैसे अभिनेताओं की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर आसानी से 100 करोड़ कमा रही हैं. दर्शक साफ़ संदेश दे रहे हैं कि अब शर्ट उतारकर कई सौ करोड़ कमाने का ट्रेंड चला गया है और दमदार कहानी के बगैर फिल्म की सफलता की कहानी अधूरी ही रहेगी.

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कोरोना संकट के बाद से भारत में सिनेमाहॉल बंद हैं. अभी फिलहाल इनके खुलने की संभावना भी नहीं है. अगर सिनेमाहॉल खुले भी तो फिल्में देखने कितने लोग जाएंगे ये एक बड़ा सवाल है. फिल्म निर्माता ऐसे में रिस्क उठाने से बचेंगे और ये लगभग साफ है कि आने वाले दिनों में फिल्में नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम जैसे प्लैटफॉर्म पर ही रिलीज होंगी. अभिनेता आयुष्मान खुराना और महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन की फिल्म गुलाबो सिताबों को अमेजन प्राइम पर रिलीज किया गया. कई और फिल्में भी ऐसे ही नेटफ्लिक्स या अमेजन प्राइम पर रिलीज होने वाली हैं.

गुलाबो सिताबों बड़े अभिनेताओं की फिल्म थी लेकिन नेटफ्लिक्स पर ऐसी फिल्में रिलीज होती रही हैं जिनके लिए सिर्फ़ अच्छी कहानी ही आसरा होती है, इनमें न तो बड़ा बजट होता है और न ही बड़े स्टार. बीते दिनों नेटफ्लिक्स पर चमन बहार नाम की ऐसी ही एक फिल्म रिलीज हुई. एक छोटे कस्बे के एक लड़के के एकतरफा प्यार पर बनी इस फिल्म को सोशल मीडिया पर खासा सराहा गया. फिल्म में मुख्य अभिनेता की भूमिका अदा करने वाले जितेंद्र कुमार इससे पहले, फिल्म शुभ मंगल ज्यादा सावधान में नजर आ चुके थे और वेब सीरीज पंचायत में भी उनके किरदार सचिव जी की खासी तारीफ हुई थी. सोशल मीडिया पर जितेंद्र के फैन काफी संख्या में हैं. कुछ दिन पहले ही नेटफ्लिक्स पर ही एक और फिल्म मस्का रिलीज हुई थी. फिल्म में मुख्य किरदार प्रीत कमानी ने अदा किया था जबकि मनीषा कोइराला और जावेद जाफरी भी मुख्य भूमिकाओं में थे. इस फिल्म की भी खासी तारीफ हुई थी. नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम जैसे प्लेटफॉर्म में समय समय पर ऐसी वेब सीरीज और फिल्में आती हैं जिनकी सराहना होती रही है. अभिनेता अभय देओल ने भी बॉलीवुड के कथित एलीटवाद पर सवाल उठाए थे और नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई उनकी फिल्म चोपस्टिक को दर्शकों ने काफी सराहा था. हाल ही में उनकी एक और फिल्म 'द ऑड्स' रिलीज हुई थी हालांकि ये ज्यादा चर्चा में नहीं रही.

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फिल्मों को लेकर दर्शकों की बदलती सोच और कोरोना के चलते पैदा हुए हालात ( जो आगे स्थायी भी हो सकते हैं) बॉलीवुड के कथित 'भाईजानों' के लिए बड़ी चुनौती हैं. सुशांत सिंह के निधन के बाद जिस तरह की नकारात्मकता बड़े स्टार्स को लेकर फैल चुकी है इसे हैंडल करना इनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं होने वाला. पहले से पिटते स्टार्स के सामने अब लोगों का बड़ा गुस्सा बड़ी चुनौती है और शायद अपने जीवन में जल्द ही ये स्टार्स उस दौर का सामने करने वाले हैं जहां कोई गुमनाम छोटा स्टार सिर्फ कहानी के दम पर फिल्म को सफल बना देगा और इनकी फिल्में बड़े बजट और नाम के बावजूद फेल हो जाएंगी. बॉलीवुड के लिए आने वाले दिन अहम हैं और शायद इन दिनों में कुछ सकारात्मक बड़े बदलाव हमें देखने को मिलें.