देश भर में कोरोना की वजह से लॉकडाउन है. 14 अप्रैल तक के इस लॉकडाउन की आगे बढ़ने की उम्मीद की जा रही है. तमाम फिल्म अभिनेता और क्रिकेटर सभी लोगों से घरों में रहने की अपील कर रहे हैं. पिछले कुछ समय से फेक न्यूज शेयर करने को लेकर निशाने पर रहे बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी लोगों से लॉकडाउन ना तोड़ने की अपील की है.

अमिताभ ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, "लॉकडाउन कोरोना से बचने का एकमात्र तरीका है. अगर हम इसका पालन नहीं करेंगे तो हमें गहरे संकट का सामना करना पड़ सकता है." अमिताभ ने आगे कहा, "लोग घरों में बोर ना हो इसलिए सरकार ने रामायण-महाभारत शुरु करवाई है. मैंने प्रधानमंत्री मोदी जी बात की है. मैंने उनसे लॉकडाउन को तोड़ने वालों को अभिषेक की फिल्म दिखाने की मांग की है. प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे इस सुझाव को काफी पसंद किया है और वो इसे जल्द ही अमल में लाने वाले हैं."

उधर अमिताभ के इस बयान के बाद लॉकडाउन तोड़ने वालों में दहशत का माहौल है. लॉकडाउन तोड़कर रोज सब्जी लेने के बहाने प्रेमिका से मिलने जाने वाले पंकज कहते हैं, "लॉकडाउन ने हमारी प्रेम कहानी में वैसे ही लॉक लगाने में कसर नहीं छोड़ी थी. अमिताभ के इस बयान के बाद अब मैं बिल्कुल भी घर से बाहर नहीं निकलूंगा. ये सजा काले पानी की तरह हैं." उधर जेएनयू में आजादी आजादी के नारे लगाने वालों में से एक चिंतन चटर्जी कहते हैं, "मैं अमिताभ के बयान के बाद से लगातार चिंतन कर रहा हूं. हम किस दौर में आ चुके हैं. इस गंभीर संकट के दौर में सरकार ने एक संकट और बढ़ा दिया है. हमें पुलिस की लाठी से डर नहीं लगता लेकिन अभिषेक की फिल्म दिखाना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक और अमानवीय है."

अमिताभ के बयान के बाद से लॉकडाउन तोड़ने वालों में दहशत जरूर आई है लेकिन ये कितना काम करती है ये देखने वाली बात होगी.