नेटफ्लिक्स की पहली भारतीय वेब सीरीज सेक्रेड ग्रेम्स 6 जुलाई को लॉंच हो गई. इस वेब सीरीज में अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दकी,सैफ अली खान,नीरज काबी और अभिनेत्री राधिका आप्टे मुख्य भूमिकाओं में हैं.सीरीज लेखक विकास चंद्रा के उपन्यास सेक्रेड गेम्स पर आधारित है. वैसे तो मुंबई के अंडरवर्ल्ड उसके पुलिस और नेताओं के कनेक्शन के बारे में बहुत सी फिल्में बनी हैं.

अगर कोई सरसरी निगाह से इसे देखे तो शायद वो इसे भी उसी लीक का बता दे.सीरीज में एक गैंगस्टर के जरिए भारत के1975 और उसके बाद की कहानी को बताने का प्रयास किया गया है. गैंगस्टर के किरदार में नवाजुद्दीन सिद्दकी है.वैसे तो इस सीरीज के हर एक चरित्र की अपनी एक कहानी है लेकिन हम आज आपको बताएंगे इसके दो किरदारों के बारे में एक मुख्य गैंगस्टर और दूसरा बेहद ही छोटा ही किरदार मुंबई पुलिस का एक कांस्टेबल की.

1. गैंगस्टर गणेश गायतोंडे-गणेश गायतोंडे यानि नवाजुद्दीन का किरदार गैंगस्टर का है. वेब सीरीज का मुख्य किरदार,दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण भी यही किरदार है.गणेश वैसा ही है जैसा एक गैंगस्टर होता है.पॉवर,पैसे का भूखा. जिस चीज पर नजर पड़ जाए बस वो अपनी हो जानी चाहिए.गणेश की भी यही खासियत हैं.ऐसे लोग खुद को भगवान से कम नहीं समझते गणेश के किरदार के साथ भी ऐसा ही है.यहां तक कि वो एक दृश्य में खुद को भगवान से भी ऊपर बताता है और अपने साथियों को आदेश देता है कि आज से भगवान की पूजा बंदकर उसकी पूजा करें.

इन सबके बीच ये किरदार भारत और भारत से तो राजनीति से किस तरह जुड़ता है ये देखना जरुरी है.भारत में नेता लोगों के सत्ता हासिल करने के लिए गैंगस्टरों का साथ लेने की कहानी बहुत पुरानी है. यहां भी ऐसा कुछ होता.मुंबई में एक नया नेता पहली बार चुनाव लड़ने उतरता है. उसे अपने हिंदू वोटरों पर तो पूरा भरोसा है लेकिन मुस्लिमों पर नहीं. वो इस बात को लेकर निश्चित है कि वो उसे वोट नहीं देंगे. मदद मांगने गैंगस्टर के पास आता है कि वो मुस्लिमों को वोट करने से रोक दे. यहां पर हमें पता चलता है कि भारत में राजनेता गैंगस्टरों से भी ज्यादा नालायक हैं.दरअसल गायतोंडे उसे अपने सेक्यूलर गैंग का हवाला देते हुए मदद से इंकार कर देता है.अपने दो मुस्लिम, एक हिंदू और एक पारसी मातहत का हवाला देते हुए राजनेता को वहां से भगा देता है.हालांकि 50 लाख रुपयों के लालच में बाद में वो मान जाता है और बिपिन भोंसले की मदद करता है. बिपिन भोसले को मदद से इंकार वाले दृ्श्य के वक्त आपको भारत की चाय की दुकान पर बैठे उस बेकार बकवासी की बात याद आएगी जो अक्सर कहता है कि भारत की बर्बादी की सारी जड़ ये नेता लोग ही हैं.बिपिन भोंसले को बाद में महाराष्ट्र का गृहमंत्री दिखाया गया है

2.कांस्टेबल काटेकर- कांस्टेबल काटेकर का किरदार भारत की बदहाली की अपने आप में एक झलक है.ये किरदार जितेंद्र जोशी ने निभाया है.भारत में पुलिस के वीर सिपाहियों की तमाम कहानियां हैं.आम जनता इन्हें पसंद करती हैं.इन पर गर्व करती है लेकिन इनकी असल जिंदगी कितनी बदहाल है ये कांस्टेबल काटेकर का किरदार बताता है.काटेकर को 26/11 के मुंबई हमलों में पीठ पर गोली लगी थी.इलाज के लिए उसे सरकार की तरफ से पैसा मिलना था.10 साल बीत हो चुके हैं लेकिन फाइल अभी भी इधर,उधर घूम रही है.उधर काटेकर के घाव में इन्फेक्शन बढ़ गया है. 2 बच्चों और बीवी के साथ मुंबई के एक छोटे मकान में रहने वाला काटेकर अभी भी नौकरी को लेकर बेहद संजीदा है अपना काम ईमानदारी से करता है.जब खाने के वक्त बीवी सरकार को और काटेकर को गालियां देती हैं तो उसे किसी तरह चुप करवा देता है.बाद में अपने बॉस सरताज सिंह को बताता है कि सरकार से पैसा नहीं मिला और घाव का इलाज प्राइवेट अस्पताल में कराने के लिए पैसा नहीं है.सरताज खुद भी मजबूर है वो मुस्कुराकर टाल देता है.

कुल मिलाकर वेब सीरीज देखने लायक है. हालांकि अश्लील दृश्यों,संवादों से आप असहज हो सकते हैं इसलिए परिवार के साथ देखने में आपको दिक्कत हो सकती हैI