आपने मशहूर हॉलीवुड फिल्म पाइरेट्स ऑफ कैरेबियंस में एक सूखे से कलाकार को देखा होगा.एक झटके में जिसकी आंख निकल जाती है और शैतान बंदर जैक उसकी वो आंख उठा ले जाकर बार बार उसे तंग करता है.बेशक उस कलाकार का फिल्म में किरदार अहम नहीं था लेकिन फिर भी वो शख्स आपको याद होगा. दरअसल इस शख्स ने अपनी असल जिंदगी में उतना ही संघर्ष किया है जितना फिल्म में अपनी आंख बचाने के लिए किया है.जीं हां आज आपको बताने जा रहे हॉलीवुड अभिनेता मेकेंजी क्रुक के बारे में.

मेकेंजी क्रुक न केवल एक एक्टर हैं बल्कि वो निर्देशक और लेखक भी हैं और लेखन के लिए तो उन्हें प्रतिष्ठित बाफ्टा अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है.मेकेंजी को उनके शो डिक्टोरेटिस्ट के लिए बाफ्टा अवार्ड से नवाजा गया था.इस शो को न केवल मेकेंजी ने लिखा बल्कि निर्देशित भी किया लेकिन उनका जीवन कितना परेशानी भरा रहा होगा इसका अंदाजा हम इसी बात से लगा सकते हैं कि जब वो बाफ्टा लेने गए तो उनके हाथ कांप रहे थे.दरअसल ऐसा किसी दबाव या हिचकिचाहट की वजह से नहीं था बल्कि एक गंभीर बीमारी की वजह से हुआ जिससे मेकेंजी जीवन में आज तक पार नहीं पा पाए.

मेकेंजी को जन्म से ही ग्रोथ हार्मोन की शरीर में कमी की बीमारी से जूझना पड़ा.इस बीमारी के कारण वो बेहद ही कमजोर थे.ब्रिटेन के केंट में जन्में मेकेंजी को इसके लिए 3 साल लगातार इलाज कराना पड़ा.कई सालों तक मेकेंजी को ग्रोथ हार्मोन के इंजेक्शन लगाए गए.ब्रिटिश अखबार द गार्जियन को दिए गए इंटरव्यू में अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहते है,"मुझे अपने स्कूल के दिन याद हैं,मैं बेहद ही छोटा था.मुझे ग्रोथ हार्मोन में कमी की बीमारी थी.करीब एक साल तक मैंने ग्रोथ हार्मोन के इंजेक्शन लिए हैं.अपने आकार की वजह से मैं पूरे स्कूल से एकदम अलग दिखता था."

बेशक बड़े पर्दे पर मेकेंजी देर से दिखे लेकिन टीवी पर वो 1988 में ही बार्किंग में नजर आ चुके थे. पाइरेट्स ऑफ कैरेबियंस सीरीज की कई फिल्मों में दिखने के अलावा मेकेंजी ने HBO के मशहूर टीवी शो गेम ऑफ थ्रोंस में भी काम किया है.