यूपी के कानपुर से एक अनूठी खबर सामने आई हैं. कानपुर में लॉकडाउन के बीच गुटखा खाकर सड़क पर थूकते एक शख्स को पकड़ा गया. पुलिस ने युवक को पकड़ने के बाद जैकलीन फर्नांडीज और मनोज वाजपेयी की फिल्म मिसेज सीरियल किलर दिखाने का फैसला किया. फिल्म देखने के बाद युवक की हालत खराब हो गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा.

कानपुर के रावतपुर में एक शख्स को पुलिस ने सड़क पर गुटखा थूकते हुए पकड़ा. लॉकडाउन के बीच सड़क पर घूमना और फिर गुटखा थूकना बड़ा अपराध है. ऐसे में पुलिस ने शख्स को जैकलीन फर्नांडीज की फिल्म मिसेज सीरियल किलर दिखाने का फैसला किया. इस फैसले से शख़्स को काफी आश्चर्य हुआ लेकिन सजा के रूप में फ़िल्म देखने का यह मौका वो छोड़ना नहीं चाहता था. ऐसे में वो काफी खुश था लेकिन 1 घण्टे 47 मिनट की फिल्म देखने के बाद युवक की हालत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

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अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शख्स ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मुझे इस तरह की सजा का अंदाजा बिल्कुल नहीं था. फिल्म में जैकलीन के डॉयलॉग सुनकर लगा कि फिल्म के साथ आज मेरी भी मौत हो जाएगी. मनोज वाजपेयी अगर फिल्म में ना होते तो मेरा बचना मुश्किल था. मुझे लगा था कि जैकलीन यहां भी गेंदे के फूल मारेंगी लेकिन उन्होंने अपनी एक्टिंग से फिल्म पर जानलेवा हमला किया है. उन्होंने एक दो इस तरह की फिल्में और की, तो निश्चित तौर पर उनका नाम मिस सीरियल किलर रख देना चाहिए."

उधर एसपी सिटी ने पूरे घटनाक्रम पर बयान देते हुए कहा, "हाल के समय में लोगों को गांधीवादी तरीके से सुधारने का हमारा यही तरीका है. बगैर किसी तरह के बल प्रयोग के हम लोगों को सख्त संदेश देना चाहते थे. हाल ही में मैंने जैकलीन की ये फिल्म देखी और मुझे अहसास हुआ कि सजा देने के लिए इस फिल्म को दिखाने से बेहतर गांधीवादी तरीका और कोई नहीं हो सकता. फिलहाल सड़क पर घूमने वाला शख्स बिल्कुल ठीक है. वो अपने फेसबुक पोस्ट में कानपुर में लॉकडाउन के बीच घूमने की सजा का जिक्र कर चुका है. उसने अन्य लोगों से बाहर ना निकलने की अपील की है."