सुशांत सिंह राजपूत केस में रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं. रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक समेत 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. संभव है कि दो-तीन दिनों में रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी भी हो जाए. हालांकि ये गिरफ्तारियां ड्रग्स के मामले में हुई हैं न कि सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के मामले में.

ड्रग्स के मामले को देखकर लगता है कि सुशांत सिंह राजपूत के आस-पास के सभी लोग ड्रग्स ले रहे थे. ये सभी वही लोग हैं जो आर्थिक तौर पर सुशांत सिंह पर ही निर्भर करते थे. ऐसे में संभव है कि सुशांत भी ड्रग्स लेते हों. बॉलीवुड और ड्रग्स का कनेक्शन पुराना है और सुशांत का ड्रग्स लेना भी कोई बड़ी बात नहीं है.

सुशांत सिंह की मौत कैसे हुई, उनकी हत्या हुई या उन्होंने आत्महत्या की, ये सब एक जांच का विषय है और हमें उस पर जाने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है. सवाल सुशांत और उनके जैसे जो तमाम युवाओं के रहन सहन से जुड़ा हुआ है. एक बड़ी ही सीधी सी बात है कि देश में तमाम युवा अपने घरों से बाहर रहते हैं और उनके माता-पिता या और कोई अभिभावक साथ में नहीं रहते. हर वक्त बच्चों के साथ रहना संभव भी नहीं है और सिर्फ देखभाल के लिहाज से ऐसा करना ठीक भी नहीं है. फिर भी अगर किसी के परिवार को पता हो कि उनके परिवार का इकलौता बेटा डिप्रेशन से जूझ रहा है, तो उस परिवार की प्रतिक्रिया अपने बेटे को लेकर क्या होनी चाहिए?

खासतौर पर तब जब परिवार के लोग अपने बेटे के साथ लिव इन में रहने वाली लड़की पर भरोसा नहीं करते हैं, उस हालत में तो परिवार की सतर्कता और बढ़ जानी चाहिए. ये सही है कि सुशांत कोई बच्चे नहीं थे और अपने बेटे के लिए शायद ही कोई ये सोच पाए कि वो सुसाइड भी कर सकता है लेकिन अगर रिया चक्रवर्ती पर घर वालों को हत्या का शक है तो भला पहले घर वालों ने सुशांत का इतना ख्याल क्यों नहीं रखा?

रिया चक्रवर्ती ने सुशांत से पैसे खर्च करवाए, या कहें कि सुशांत के पैसे पर ऐश की लेकिन ये सब आज के दौर की एक आम बात है. अगर आप पैसे वाले हैं, आपका नाम है तो कई बार लोग आपका फायदा उठाने के लिए साथ आ जाते हैं. ऐसी हालत में इंसान की अपनी और उसके सबसे करीबी लोगों की जिम्मेदारी होती है कि वो ऐसे लोगों के बारे में आगाह हों या आगाह करें. फिलहाल की हालत ये है कि रिया चक्रवर्ती सुशांत के परिवार पर आरोप लगा रही हैं और सुशांत का परिवार रिया पर.

दिक्कत ये है कि हमारा समाज लड़कों से कुछ चीजों की उम्मीद ही नहीं करता. लोगों के बेटे देर रात तक सड़कों पर घूमते हैं, लेकिन घर आने पर उनसे नहीं पूछा जाता कि देर से आने की वजह क्या है. एक घंटे के काम में, 2 घंटे लगने पर फोन करके देरी की वजह नहीं पूछी जाती. निर्भया रेप कांड के बाद ही ये बातें कही गईं थी कि अपने लड़कों से भी घर से बाहर जाने की वजह पूछना शुरू कीजिए, लेकिन ये आज भी नहीं हुआ. आपका बेटा डिप्रेशन में है,संभव है कि वो ड्रग्स लेता है और वो एक ऐसी लड़की के साथ रहता है जिस पर आपको बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. फिर भी वो कोरोना के बीच लॉकडाउन में मुंबई में ही रह रहा है. किसी के घर वाले आखिर इसकी इजाजत कैसे दे सकते हैं.

एक बात यहां पर साफ कर देना ज़रूरी है कि यहां रिया चक्रवर्ती को क्लीन चिट बिल्कुल भी नहीं दी जा रही है. रिया चक्रवर्ती ने जो किया है वो सामने आ रहा है. सीबीआई जांच में जुटी है ऐसे में जो कुछ भी होगा वो सामने आ ही जाएगा. यहां सुशांत के परिवार की जिम्मेदारी की बात की जा रही है जिन्होंने शायद थोड़ी सतर्कता रखनी होती, तो इस तरह शायद आज न्याय की मांग नहीं करनी पड़ रही होती.