बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से जुड़े एक मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा है की सुशांत सिंह राजपूत का चेहरा देख कर कोई भी कह सकता है की वो एक निर्दोष और शालीन व्यक्ति थे।

जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एमएस कार्निक ने मृतक अभिनेता सुशांत सिंह की बहन प्रियंका सिंह और मीतू सिंह की उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है जिसमे रिया चक्रवर्ती द्वारा दर्ज कराये गए केस को रद्द करने की मांग की गयी है। रिया ने सुशांत की बहनों के खिलाफ डॉक्टर द्वारा लिखे गए दवाई के पर्चे से छेड़छाड़ करने का केस दर्ज कराया गया था।

जस्टिस शिंदे ने सुनवाई के दौरान कहा "केस जो भी हो पर कोई भी व्यक्ति सुशांत सिंह की शक्ल देख कर कह सकता है की वो बेहद शालीन और बढ़िया व्यक्ति थे। विशेषकर एम एस धोनी के उनके किरदार को सभी लोग पसंद करते है। वो बेहद ही सभ्य व्यक्ति थे"

पिछले साल सितम्बर में रिया चक्रवर्ती ने सुशांत की बहनो और दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल के डॉक्टर तरुण कुमार पर ये आरोप लगते हुए केस दर्ज कराया था की दोनों बहन ने डॉक्टर से मिलकर फर्जी पर्चा बनवाया जिससे सुशांत सिंह राजपूत मानसिक तनाव दूर करने वाली दवाई खरीद सकें।

अधिवक्ता विकास सिंह के अनुसार कोरोना महामारी के चलते सुशांत डॉक्टर से मिलने नहीं जा सकें थे तो ऑनलाइन कंसल्टेशन के बाद उन्होंने ने डॉक्टर के पर्चे से ऑनलाइन दवाई खरीदी थी। हलाकि की मुंबई पुलिस की तरफ से अधिवक्ता देवदत्त कामत ने कहा की डॉक्टर से उनकी कोई बात नहीं हुई थी। बल्कि उन्होंने अपने बहन को व्हाट्सऍप पर मैसेज किया जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर से पर्चा बनवाकर सुशांत को भेजा था।

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बीते साल 14 जून को संदिग्ध अवस्था में मौत हो गयी थी। मुंबई पुलिस ने मामले को आत्महत्या बताया था। सुशांत के घर वालों ने रिया चक्रवर्ती पर धोखाधड़ी, नशे और ठगी का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।