देश के चुनिंदा अंग्रेजी टीवी न्यूज़ चैनल पर रोज शाम सजने वाली चर्चाओं की महफ़िल हो या बॉलीवुड फिल्मों को दिए जाने वाले तमाम स्वघोषित फिल्म फेयर अवार्ड की चकाचौंध वाली रंगीन शाम, सुहेल सेठ आप को हर जगह दिख जायेंगे। सूट बूट के साथ बेहतरीन अंग्रेजी हो तो जेंटलमेन आप बन ही जाते है, कम से कम भारत में अभी भी यही पैमाना है।

वैसे बहुत बार बात करने के तरीके, कपड़ो की स्टाइल देख कर शक तो होता है, की आदमी सही नहीं मालूम पड़ता। पर कई बार अगर आप इस तरह की जीवनशैली पर कुछ नकारात्मक कमेंट करते है तो आपके जानने वाला ही आपको पुराने ख्यालो वाला कह सकता है या फिर आप देहाती होने का टैग भी पा सकते है।

खैर अभी हम सुहेल सेठ जोकि एक सेलिब्रिटी मार्केटिंग कंसलटेंट भी है उनकी बात इसलिए कर रहे है क्यों की #Metoo आंदोलन अपने चरम पर है और सुहेल सेठ जोकि 55 साल के युवा है उन पर एक, दो नहीं चार चार आरोप लगे है वो भी छेड़खानी करने, अश्लील हरकते करने और भद्दे कमेंट करने के। फिल्म मेकर नाताशजा राठौर ने सुहेल सेठ को भेजे गए मैसेज का स्क्रीन शॉट्स ट्विटर पर पोस्ट किया है। नाताशजा ने लिखा है की घटना पिछले साल सुहेल के गुडगाँव के घर की है।

घटना का जिक्र करते हुए नाताशजा ने बताया की किस तरह सुहेल ने दिल्ली के जनपथ पर आइसक्रीम खिलाने के बहाने उन्हें गुडगाँव के अपने घर ले गए और वंहा मना करने के बाद भी जबरन शराब पिलाई और उसके बाद जबरदस्ती मुँह में अपनी जीभ घुसा के चूमने लगे।
नाताशजा आगे लिखती है की सुहेल मना करने के बाद भी यही नहीं रुके और जबरन उनके कुर्ते में हाथ डाल दिया। उसके बाद नाताशजा ने उन्हें फटकारते हुए धक्का देकर हटा दिया और वो वंहा से चली गयी।

सुहेल सेठ जो की सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते है, इस पोस्ट के वायरल होने के बाद लापता है और बीते 24 घंटे से उनका कोई ट्वीट नहीं आया है। इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है की उन्होंने सुहेल से संपर्क करने की कोशिश की तो जवाब आया की 10 मिनट में ट्वीट करके जवाब दे रहे है।

उसके बाद इंडियन एक्सप्रेस की पूर्व पत्रकार रही मन्दाकिनी गहलोत ने सुहेल सेठ पर आरोप लगाया की जुलाई 2011 में गोवा में हो रही एक कांफ्रेंस के दौरान सुहेल सेठ ने जबरन मुँह में जीभ डाल चूम लिया था और विरोध करने पर हंसने लगे। मन्दाकिनी ने लिखा की वंहा खड़े किसी भी व्यक्ति ने उनका विरोध नहीं किया बल्कि उनका ही मजाक बनाते हुए हंसने लगे।